नौसेना दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वी नौसेना कमान के बेड़े के दो प्रमुख युद्धपोत आईएनएस खंजर और आईएनएस कोरा गुरुवार को कोलकाता के खिदिरपुर बंदरगाह में डॉक पहुंचे। यहां तैनाती के पहले दिन शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेटों ने दोनों युद्धपोत के बारे में करीबी जानकारी हासिल की।
पश्चिम बंगाल में नौसेना के प्रभारी अधिकारी और आईएनएस नेताजी सुभाष के कमांडिंग ऑफिसर कमोडोर अजय यादव ने शुक्रवार को कहा है कि नौसेना वीक सेलिब्रेशन के तहत आईएनएस कोरा और आईएनएस खंजर कोलकाता पहुंचे हैं। यह पहल जनता और विशेषकर युवा पीढ़ी को नौसेना से जुडऩे, उसकी उपलब्धियों के बारे में जानने और भारत की समुद्री शक्ति का अनुभव करने में मदद करेगा।
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उल्लेखनीय है कि हर साल चार दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है। नौसेना दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वी नौसेना कमान के बेड़े के दो प्रमुख युद्धपोत आईएनएस खंजर और आईएनएस कोरा गुरुवार को कोलकाता के खिदिरपुर बंदरगाह में डॉक पहुंचे। यहां तैनाती के पहले दिन शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेटों ने दोनों युद्धपोत के बारे में करीबी जानकारी हासिल की।
यादव ने बताया कि मिसाइलों से लैस दोनों युद्धपोत को वार्षिक नौसेना सप्ताह समारोह के तहत जनसंपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से यहां जनता के परिदर्शन के लिए तैनात किया गया है। 28 से 30 नवंबर की शाम तक दोनों युद्धपोत आम लोगों के लिए खुले रहेंगे। सभी के लिए यह खुला रहेगा। कमोडोर अजय यादव ने बताया कि ये दोनों युद्धपोत फिलहाल मिशन बेस्ड डिप्लायमेंट के तहत बंगाल की खाड़ी में तैनात हैं। दोनों युद्धपोत ईस्टर्न फ्लीट के अहम हिस्से के तौर पर काम करते हैं जो अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस हैं।
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नौसेना अधिकारी ने बताया कि आइएनएस खंजर, जो पी-25 क्लास का गाइडेड मिसाइल युद्धपोत है, अक्टूबर 1991 में नौसेना में शामिल हुआ था। वहीं, आइएनएस कोरा, जो पी-25ए क्लास का गाइडेड मिसाइल युद्धपोत है, अगस्त 1998 में नौसेना में शामिल हुए था। इस दोनों युद्धपोत को कोलकाता स्थित रक्षा पीएसयू गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) ने बनाए थे।