Indian Navy: पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए नौसेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे पहले, सरकार ने हमले के पीछे सीमा पार साजिश का हवाला देते हुए सशस्त्र बलों को कार्रवाई की पूरी छूट दे चुकी है और पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने के लिए सिंधु जल संधि को भी निलंबित कर चुकी है।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आधिकारी आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात उस बड़ी सुरक्षा बैठक के कुछ दिन बाद हुई है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए थे। उस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे।
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हमले के बाद बुलाई गई थी सीसीएस की बैठक
यह बैठक पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले दिन हुई थी, जिसमें 26 पर्यटकों की जान गई थी। इसके बाद कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक भी बुलाई गई। सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि इस हमले के दोषियों और इसके पीछे साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा दी जाएगी।
सरकार ने सशस्त्र बलों को दी कार्रवाई की पूरी छूट
सरकार ने सशस्त्र बलों को पूरी छूट दी है कि वे जवाबी कार्रवाई का तरीका, लक्ष्य और समय खुद तय करें। हमले के बाद सभी दलों की एक बैठक भी बुलाई गई, जिसमें विपक्षी दलों ने भी आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए सरकार को पूरा समर्थन देने की बात कही।
सीमा पार जुड़े आतंकी हमले के तार
सीसीएस की ब्रीफिंग में बताया गया कि इस आतंकी हमले के तार सीमा पार से जुड़े हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब जम्मू-कश्मीर में सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न हुए हैं और राज्य धीरे-धीरे आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा, अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस भी भारत दौरे पर थे। आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने के मकसद से सरकार ने 'सिंधु जल संधि' निलंबित करने जैसे कई कदम उठाने की घोषणा की है।