नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी
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नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने मंगलवार को युद्ध क्षेत्र में नौसेना की ताकतों में बढ़ोतरी की बात पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सभी नौसैनिक कमांडरों को सात अहम क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें युद्ध क्षमता, बेड़े की देखभाल, नई तकनीकों का उपयोग और अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग शामिल हैं। उन्होंने नौसेना कमांडर्स कांफ्रेंस में नौसैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि नौसेना के कमांडर्स संचालन में तेजी और कुशलता बनाए रखें। साथ ही अपने कामकाजी बल का सही तरीके से विकास करें।
बता दें कि नौसेना कमांडर्स कांफ्रेंस का पहला चरण 5 अप्रैल को करवार, कर्नाटका में हुआ और दूसरा चरण 7 से 10 अप्रैल तक दिल्ली में हो रहा है। इस दौरान नौसेना कमांडरों ने भारतीय महासागर क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की, जहां हाल ही में चीन की गतिविधियां बढ़ी हैं।
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नौसेना प्रमुख ने नौसेना की उपलब्धियों की सराहना की
साथ ही अपने संबोधन में एडमिरल त्रिपाठी ने नौसेना की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैसे कि सफल सैन्य अभ्यास, और भारतीय सेना और वायुसेना के साथ मिलकर काम करना। उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीकों का इस्तेमाल कर नौसेना को भविष्य के लिए तैयार करना जरूरी है।
भारतीय महासागर में भूमिका को बताया अहम
त्रिपाठी ने भारतीय महासागर में भारत की भूमिका को भी अहम बताया और तटीय देशों की मदद के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात की। इसके अलावा उन्होंने ने कमांडरों को सात प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा युद्ध क्षमता, बल का विकास, बेड़े की देखभाल, नई तकनीकों का उपयोग, कार्यबल का संतुलित विकास, चुस्ती और संगठनात्मक बदलाव, और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना।
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विदेश सचिव मिस्री ने भी कमांडरों से की बातचीत
इसके साथ ही विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी कमांडरों से बातचीत की। साथ ही वैश्विक सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। अंत में, नौसेना प्रमुख ने भारतीय नौसेना के ऑपरेशनल डेटा, नौसेना विमानन सुरक्षा और रिटायरमेंट के बाद जीवन पर एक मार्गदर्शिका जैसी महत्वपूर्ण प्रकाशन भी जारी की।