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पाक सेना प्रमुख से गले मिलकर वापस देश लौटे सिद्धू, अब करेंगे मुश्किलों का सामना

Sun, 19 Aug 2018 05:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद कांग्रेस के विधायक और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू रविवार को भारत लौटे हैं। उनके पाकिस्तान जाकर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को गले लगाने के इमरान के शपथग्रहण समारोह में पीओके के प्रेजिडेंट के साथ बैठने के बाद पैदा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिद्धू के देश लौटके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि उनको तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है।

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इमरान के शपथग्रहण समारोह के दौरान पीओके के राष्ट्रपति के बगल में बैठने पर सिद्धू ने सफाई देते हुए अपना बचाव किया है। उन्होंने कहा, 'अगर आपको कहीं सम्मान से अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है, तो आपसे जहां बैठने के लिए बोला जाता है आप वहां बैठते हैं। पहले मैं कहीं और बैठा था लेकिन उन्होंने मुझे वहां बैठने के लिए कहा था।' 





इसी कड़ी में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले से खुद को अलग रखते हुए सफाई दी है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से मुखातिब होते हुए कहा कि इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में वह निजी तौर पर गए थे। इससे हमारा कुछ लेना-देना नहीं है। जहां तक बात पीओके के प्रेजिडेंट के साथ बैठने की है तो सिद्धू को उनके बारे में जानकारी नहीं थी। हालांकि पाकिस्तानी सेना प्रमुख को गले लगाने को उन्होंने गलत ठहराते हुए कहा कि सीमा पर रोजाना हमारे जवान शहीद हो रहे हैं और यह पाकिस्तान के सेना प्रमुख बाजवा के इशारों पर ही हो रहा है। इसलिए सिद्धू का पाक सेना प्रमुख को गले नहीं लगाना चाहिए था। 
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उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा को शर्मनाक बताते हुए तीखा हमला बोला है। शनिवार को भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल पूछते हुए कहा, 'क्या कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी सिद्धू के बयानों और उनके आचरण से सहमत है या नहीं? अगर सहमत नहीं है तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और क्या कांग्रेस पार्टी से उन्हें सस्पेंड किया जाएगा?' उन्होंने कहा कि सिद्धू उससे गले मिलते हैं जिसकी वजह से निर्दोष भारतीयों की जान जाती है और सेना के जवान शहीद होते हैं।

पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के नेता पाकिस्तान के सेना प्रमुख से गले मिलते हैं जो भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने पूछा कि क्या सिद्धू ने पाकिस्तान जाकर इमरान खान के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए कांग्रेस पार्टी से अनुमति ली थी। सिद्धू मसूद खान के बगल में बैठने से मना कर सकते थे। जो हिस्सा हमारे देश का है, उसके तथाकथित प्रेजिडेंट के साथ उन्हें नहीं बैठना चाहिए था। इस मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस से जवाब मांगा है। 

वहीं सिद्धू ने सिद्धू के पाक सेना प्रमुख बाजवा से गले मिलने को लेकर बहस के बीच सफाई दी है। शनिवार दोपहर बाद मीडिया से सिद्धू ने कहा, मैं राजनेता नहीं, एक दोस्त की हैसियत से यहां आया हूं। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिलने का भी जिक्र किया। सिद्धू ने कहा, ‘जनरल साहब ने मुझे गले लगाया और कहा कि वह शांति चाहते हैं।’

पंजाब के मंत्री सिद्धू ने इमरान खान को दोस्ताना अंदाज में ‘खान साहब’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘खान साहब ने कहा है कि आप एक कदम चलो तो मैं दो कदम चलूंगा।’ उन्होंने कहा कि अब यह हमारा दायित्व है कि हम अपनी सरकार से बातचीत कर उन्हें एक कदम चलने के लिए प्रेरित करें।

पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक बड़ी उम्मीद बंधी है। पंजाबी में बात करते हुए सिद्धू ने भारत-पाक में शांति की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि दोनों पंजाब यदि सीमा खोल दें तो पूरी क्षेत्र में तेजी से तरक्की हो सकती है। सिद्धू ने कहा कि अगर नीयत साफ हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘आखिर कब तक हम लाल दरिया (खूनी समुद्र) में डूबेंगे, अब वक्त आ गया है कि हम इसे नीला बनाएं यानी शांति कायम करें।’
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