फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौसेना प्रमुख का पत्र- जिन्होंने हमारे लिए जान दी, उनके बच्चों की पढ़ाई का फंड मत काटो

Wed, 06 Dec 2017 10:21 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
विज्ञापन
नौसेना प्रमुख सुनील लांबा
विज्ञापन
नौसेना प्रमुख सुनील लांबा ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि देश के लिए जान गंवाने वाले जवानों के बच्चों को मिलने वाली शिक्षा प्रतिपूर्ति को कम करने का जो फैसला किया गया है उसको वापस ले लिया जाए। सुनील लांबा ने लिखा है कि उन लोगों ने देश के लिए जान गंवाई है, ऐसे में सरकार को उनके बच्चों को पढ़ाई के लिए मिलने वाला फंड कम नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


PM नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' ने बचाए रक्षा क्षेत्र के एक लाख करोड़ रुपए

अपने पत्र में लांबा ने कहा है कि अगर सरकार इस गुजारिश को मान लेगी तो इससे पता लगेगा कि सरकार देश के लिए बलिदान देने वालों को याद रखती है और उनका आदर भी करती है।

क्या है मामला: पहले जान गंवाने वाले, लापता हो जाने वाले या दिव्यांग सैनिकों के बच्चों की ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस, किताबों का खर्च, स्कूल और घर के कपड़ों का पूरा खर्च सरकार उठाती थी लेकिन अब एक जुलाई से इसको दस हजार रुपए तक सीमित कर दिया गया है। एक अनुमान के मुताबिक, सशस्त्र बल के जवानों के लगभग 3,400 बच्चे इससे प्रभावित हुए हैं।
विज्ञापन


इस व्यवस्था को भारत सरकार ने 1971 की लड़ाई जीतने के बाद शुरू किया था, सुनील लांबा के पत्र के बाद रक्षा मंत्रालय ने अपने फैसले पर फिर से विचार करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें