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नवा केरल मिशन विवाद: केरल हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, सरकार की अपील पर नोटिस जारी; जानिए मामला

Tue, 24 Feb 2026 12:58 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को राहत देते हुए नवा केरल सिटीजन रिस्पॉन्स प्रोग्राम को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को पलटते हुए इसकी मंजूरी दे दी है। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केरल की एलडीएफ सरकार को राहत देते हुए, हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें 'नव केरल सिटीजन रिस्पॉन्स प्रोग्राम' के लिए 20 करोड़ रुपये देने के आदेश को रद्द कर दिया गया था। नवा केरल सिटिजन रिस्पॉन्स प्रोग्राम के तहत सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा और लोगों से योजनाओं को लेकर फीडबैक भी लिया जाएगा। 
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सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर रोका हाईकोर्ट का आदेश
  • मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य की स्पेशल लीव याचिका पर अंतरिम आदेश जारी किया। पीठ ने हाईकोर्ट में सरकार की योजना के खिलाफ याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं को भी नोटिस जारी किया है।
  • याचिकाकर्ताओं के वकील ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से पहले जनसंपर्क अभियान करने के लिए सरकारी कर्मचारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मदद ले रही है। 
  • राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य में सीपीआईएम कार्यकर्ताओं को एक पैसा भी नहीं दिया गया है।
  • सीजेआई ने कहा कि पहली नजर में, अगर राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर असर पता लगाने के लिए सरकारी कर्मचारियों की मदद लेती है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा था
  • 17 फरवरी को हाई कोर्ट ने नव केरल सिटीजन रिस्पॉन्स प्रोग्राम के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने के सरकारी आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इसे कार्यकारी शक्तियों का गलत इस्तेमाल बताया और इसे रूल्स ऑफ बिजनेस का भी उल्लंघन बताया।
  • हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सौमेन सेन की अगुवाई वाली पीठ ने चिंता जताई थी कि विभागों के बजट आवंटन का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है और यहां तक कि वित्तीय अनुशासन बनाने के नियमों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
  • याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सरकार राजनीतिक फायदे के लिए पब्लिक फंड का गलत इस्तेमाल कर रही है।
  • हाईकोर्ट ने माना कि सूचना प्रसारण विभाग का 20 करोड़ रुपये इस्तेमाल करने की इजाजत देने वाला आदेश असल में गलत था और बजट आवंटन के साफ उल्लंघन की वजह से टिक नहीं सकता था।
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