देश के विकास के लिए बजट में क्या प्रावधान किया जाए, इस पर व्यापक चर्चा के लिए 10 और 11 जनवरी को राष्ट्रीय युवा संसद का ऑनलाइन आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न राज्यों के युवाओं और छात्रों ने 2022-23 के बजट पर चर्चा की। इस कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी और आईआईएम से पढ़े भारतीय युवा दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
यह थी कार्यक्रम की थीम
जानकारी के मुताबिक, इस बार बजट संवाद की थीम मेकिंग इंडिया ए ग्लोबल इकोनॉमिक पावर हाउस रखी गई थी। इस पर बोलते हुए हरिवंश ने कहा कि ब्रिटिश काल में विश्व की अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा हिस्सा भारत का था। इसी वजह से भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था।
उपसभापति ने दी यह जानकारी
विगत वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू 'स्टार्टअप इंडिया' ऐसा दूरदर्शी उद्यमिता कार्यक्रम है, जिसने देश को रोजगार देने वाला बनाने की उम्मीद जगाई है। उपसभापति ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में वित्त मंत्री ने इंटेट, इंडस्ट्री, इनवेस्टमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन को बढ़ावा देने की बात कही है। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काफी काम हो रहा है।
छात्रों को दी यह सलाह
हरिवंश ने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि छात्रों को भारत के आर्थिक इतिहास का अध्ययन करना चाहिए, जिससे वे महात्मा गांधी के सतत विकास के सिद्धांत के अनुरूप आर्थिक नीतियां बना सकें। साथ ही, देश की आजादी के 75वें वर्ष में उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों को भी जरूर जानना होगा।
2019 में हुई थी राष्ट्रीय युवा संसद की स्थापना
बता दें कि राष्ट्रीय युवा संसद की स्थापना कार्तिकेय गोयल ने वर्ष 2019 में की थी। गोयल ने चर्चा में बताया कि यह हमारा दूसरा बजट संवाद है, जिसमें इस साल देशभर के 100 से भी ज्यादा स्कूलों के छात्रों ने हिस्सा लिया। इनमें सिर्फ 150 छात्रों को चुना गया है, जो युवा संसद में इस साल भारत के बजट को तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय युवा संसद की स्थापना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ऐसा मंच देना है, जहां वे राष्ट्र निर्माण के विषयों पर भी चर्चा कर सकें। इस बजट संवाद सत्र में विशेषज्ञ के रूप में शिक्षा मंत्रालय के निदेशक रजनीश कुमार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में वित्त सलाहकार अखिलेश झा सहित कई कंपनियों के अधिकारी भी शामिल हुए।