आधी आबादी को उसका हक दिलाने और देश की राजनीति में पुरुषों का वर्चस्व खत्म करने के लिए पहली बार नेशनल वुमेन पार्टी (एनडब्ल्यूपी) का गठन हुआ है। इसका औपचारिक एलान अध्यक्ष श्वेता शेट्टी ने किया। पार्टी का लोगो भी उसकी सोच को दर्शाता है। इसमें मुख पर सौम्यता के साथ नमस्कार की मुद्रा में जुड़े हाथ और पार्टी ऑफ मदर्स लिखा हुआ है। इस अवसर पर उनके साथ परिवार से हक की लड़ाई लड़ने वाली पूजा और एसिड विक्टम भी उनके साथ थी।
मंगलवार को औपचारिक घोषणा के साथ एनडब्ल्यूपी ने एलान किया कि पार्टी संसद से लेकर सड़क तक आधी आबादी की लड़ाई लड़ने के लिए बनी है। इस पार्टी का लक्ष्य देश की राजनीति में महिलाओं को सम्मानजनक स्थान दिलाना है। एनडब्ल्यूपी देश भर की महिलाओं को पहचान दिलाने के लिए घरेलू हिंसा से लेकर उनके राजनीतिक हितों तक की लड़ाई लड़ेगी।
पार्टी अध्यक्ष श्वेता शेट्टी ने बताया कि आजादी के 71 सालों के बाद भी देश की आधी आबादी को उसके अधिकार नहीं मिल रहे हैं। जबकि प्राचीन हिंदू संस्कृति में महिलाओं को बराबरी का स्थान हासिल था। इसलिए उस खोई गौरवशाली परंपरा को वापस पाने केलिए राष्ट्रीय महिला पार्टी का गठन किया गया है।
इसमें महिलाओं के अधिकारों के साथ संसद समेत अन्य स्थानों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना इसका प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिहाज से उन्होंने चुनाव आयोग के साथ पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। पेशे के एक डॉक्टर 36 वर्षीय शेट्टी तेलंगाना में एक गैर सरकारी संगठन की भी प्रमुख हैं।