अहमदाबाद-हैदराबाद उड़ान में बम की धमकी निकली नाबालिग छात्रा की शरारत
अहमदाबाद से हैदराबाद आ रही एक उड़ान में 12 वर्षीय बच्ची की ओर से कथित तौर पर बम होने की बात कहे जाने से राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय (आरजीआईए) हवाई अड्डे पर सुरक्षा अलर्ट जारी हो गया। हालांकि, बाद में यह बात महज शरारत निकली। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
कक्षा सात में पढ़ने वाली छात्रा शनिवार को स्कूल की यात्रा के बाद अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ हैदराबाद लौट रही थी। इसी दौरान उसने एक सहपाठी से कहा कि विमान में बम है। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, छात्रा की बात सुनने के बाद विमान के केबिन क्रू के एक सदस्य ने पायलट को इसकी जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत हैदराबाद में विमान के उतरने के बाद उसकी पूरी तरह जांच की गई। जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस अधिकारी ने कहा, “छात्रा नाबालिग है, इसलिए उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। शिक्षकों ने उसे समझाया। उसने अनजाने में यह बात कही थी और उसका धमकी देने का कोई इरादा नहीं था।”
कर्नाटक में किसान आंदोलन पर अड़े, CM की अपील ठुकराई
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने गन्ना किसानों की मांगों पर अगले सप्ताह बैठक बुलाने की घोषणा की है। उन्होंने आंदोलनकारी किसानों से अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की। शिवकुमार ने बेलगावी जिले के कित्तूर में पदयात्रा कर रहे गन्ना किसानों से मुलाकात की। किसान गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अकेले इस मुद्दे को नहीं सुलझा सकती, इसमें केंद्र और चीनी मिल मालिकों की भी भूमिका है। प्रस्तावित बैठक में गन्ने की कीमतें और एमएसपी पर चर्चा होगी। हालांकि किसानों ने शिवकुमार की अपील को खारिज कर दिया है और आंदोलन जारी रखने की धमकी दी है। किसान नेता चुनप्पा पुजारी ने कहा कि उनका आंदोलन केंद्र सरकार के खिलाफ है और एमएसपी की घोषणा तक जारी रहेगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से रविवार तक कित्तूर आकर एमएसपी घोषित करने की मांग की।
लद्दाख की स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों की चुनाव प्रक्रिया बदली
केंद्र सरकार ने लद्दाख की स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों से जुड़े कानूनी शब्दों, प्रशासनिक ढांचे और चुनावी प्रावधानों में संशोधन किया है। यह बदलाव लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिलाने वाले जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत किया गया है। अब लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (संशोधन) विनियमन के मुताबिक, प्रत्येक परिषद में चुनी जाने वाली सीटों की संख्या लद्दाख प्रशासन तय करेगा। इसमें कम से कम 7 और अधिकतम 24 सीटें हो सकती हैं। संशोधन के तहत राज्य और राज्यपाल की जगह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और प्रशासक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।