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न्यूज डायरी: अल नीनो से कुछ महीनों में 4.5 लाख लोगों की मौत की आशंका; नौगांव डीईओ को हटाने की मांग

Wed, 23 Sep 2026 03:24 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
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आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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जलवायु वैज्ञानिकों के एक नए आकलन के अनुसार, प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा अत्यंत शक्तिशाली अल नीनो अगले छह महीनों में दुनिया भर में अतिरिक्त गर्मी के कारण 4.5 लाख से अधिक लोगों की जान ले सकता है। यह अनुमान जलवायु परिवर्तन के कारण पहले से बढ़ रही गर्मी से होने वाली मौतों के अतिरिक्त है। शिकागो विश्वविद्यालय के क्लाइमेट इंपैक्ट लैब ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस असाधारण अल नीनो का असर इंडोनेशिया, भारत और नाइजीरिया से लेकर अमेरिका तक महसूस किया जा सकता है। इसके अलावा सूखा, जंगलों में आग और बाढ़ जैसी घटनाओं के कारण भी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने की आशंका है। रिपोर्ट में प्रकाशित आकलन के अनुसार, अतिरिक्त गर्मी से होने वाली मौत का अनुमान विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग लगाया गया है। इसका उद्देश्य उन इलाकों की पहचान करना है, जहां समय रहते कदम उठाकर लोगों की जान बचाई जा सकती है। इनमें बेहतर गर्मी पूर्वानुमान, शीतलन केंद्रों की स्थापना, अत्यधिक गर्मी के दौरान चिकित्सा सुविधाओं में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा जैसे उपाय शामिल हैं। जलवायु वैज्ञानिकों ने इस घटना की तीव्रता को बेहद असाधारण बताया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो गया है। इस गर्मी का असर पहले से गर्म हो रहे वैश्विक वातावरण पर पड़ रहा है। शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के सह-संस्थापक माइकल ग्रीनस्टोन, जो इस आकलन के सह-लेखक हैं, ने कहा कि 4,51,000 लोगों की संभावित मौत का अनुमान इतना बड़ा है कि इसे समझना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा माता-पिता, बच्चों, बुजुर्गों, पड़ोसियों और रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे लोगों से जुड़ा है।

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नौगांव डीईओ को हटाने की मांग: काफिले पर हमले के बाद चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर नौगांव के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) को तुरंत पद से हटाने की मांग की है। पार्टी का तर्क है कि नौगांव लोकसभा उपचुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल में कराने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। कांग्रेस ने डीईओ कार्यालय द्वारा जारी उस प्रेस नोट पर गहरा ऐतराज जताया है, जिसमें पार्टी नेताओं के काफिले पर हुए हमले को अचानक और पूरी तरह अप्रत्याशित घटना करार दिया गया था। 

कांग्रेस महासचिव बिपुल गोगोई के अनुसार, धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन ने सामागुड़ी के बोरोमा बाजार में भाजपा समर्थित उपद्रवियों द्वारा हमला किए जाने की पूर्व आशंका से नौगांव डीसी-सह-डीईओ और पुलिस अधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया था। इसके बावजूद एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल और अन्य नेताओं के काफिले पर पथराव किया गया। हमले में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और लोग घायल हुए। कांग्रेस ने आयोग से अधिकारियों के कॉल लॉग की जांच करने और वर्तमान डीईओ को चुनावी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का आग्रह किया है।   
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भारत में 3,700 से ज्यादा एक सींग वाले गैंडे
भारत में एक सींग वाले गैंडों की संख्या 3,700 से ज्यादा हो गई है। असम में 3,260, प. बंगाल में 392 और यूपी के दुधवा टाइगर रिजर्व में 53 गैंडे हैं। संरक्षण से संख्या बढ़ी है, पर अब इनके घास के मैदान और प्राकृतिक आवास बचाना बड़ी चुनौती है। इंटरनेशनल राइनो फाउंडेशन की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में करीब 4,075 एक सींग वाले गैंडे हैं। भारत और नेपाल इनके प्रमुख आवास हैं। 

तेलंगाना हाईकोर्ट ने ब्रह्मोस के महानिदेशक जोशी की नियुक्ति बरकरार रखी
तेलंगाना हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें जेआर जोशी की ब्रह्मोस के महानिदेशक पद पर नियुक्ति को खारिज किया गया था। जस्टिस पी सैम कोशी और जस्टिस नरसिंह राव नंदिकोंडा की पीठ ने जोशी और केंद्र सरकार की याचिकाओं को मंजूर करते हुए कैट का आदेश रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जोशी की नियुक्ति रद्द करने के मामले में कैट ने न्यायिक समीक्षा की अपनी वैध सीमाओं का उल्लंघन किया। कैट ने पिछले साल 29 दिसंबर को जोशी की नियुक्ति रद्द करते हुए केंद्र और अन्य पक्षों को डीआरडीओ के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शिवसुब्रमण्यम नंबी नायडू की नियुक्ति के दावे पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया था। जोशी को नवंबर 2024 में ब्रह्मोस का महानिदेशक नियुक्त किया गया था। नायडू ने कैट में नियुक्ति को चुनौती देते हुए कहा था कि वह जोशी से वरिष्ठ हैं और इस पद पर नियुक्ति के हकदार थे।

कर्नाटक : 8 अधिकारियों के 33 ठिकानों पर छापे, करीब 30 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा
कर्नाटक लोकायुक्त की टीमों ने आय से अधिक संपत्ति के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को आठ सरकारी अधिकारियों से जुड़े 33 से अधिक ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान लोकायुक्त ने करीब 29.62 करोड़ रुपये की अघोषित चल और अचल संपत्तियों का खुलासा किया है। यह छापे बंगलूरू, चिक्काबल्लापुर, कलबुर्गी, मांड्या, कोडागु, धारवाड़ और बीदर में स्थित अधिकारियों के आवासों, कार्यालयों और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर मारे गए। जांच के दायरे में आए अफसरों में जिला रजिस्ट्रार श्रीदेवी, सेवानिवृत्त सहायक कार्यकारी अभियंता एचएम रंगनाथ शामिल हैं। अफसरों के पास आभूषण, भूखंड, फ्लैट, नकदी व अन्य संपत्ति का पता चला है।

इसरो और ईएसए ने साझेदारी 5 साल के लिए बढ़ाई, अंतरिक्ष सहयोग को मजबूती
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने अपने दीर्घकालिक सहयोग समझौते को 8 जनवरी, 2032 तक बढ़ा दिया है। पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन के दौरान 10 सितंबर को दोनों पक्षों के बीच पत्रों के आदान-प्रदान के जरिये इस समझौते का नवीनीकरण किया गया। इस कदम से दोनों एजेंसियों के बीच लंबे समय से चल रहे वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिली है। यह सहयोग समझौता पहली बार जनवरी 2002 में लागू हुआ था। पिछले दो दशकों से अधिक समय से यह समझौता दोनों अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच कई तरह के वैज्ञानिक अभियानों और तकनीकों के आदान-प्रदान का मुख्य आधार रहा है। अब तक दोनों एजेंसियां पृथ्वी अवलोकन, उपग्रह नेविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान और मिशन संचालन में मिलकर काम करती रही हैं। नए समझौते के तहत सहयोग के दायरे का विस्तार किया गया है। अब इसमें अंतरिक्ष मौसम, मानव और रोबोटिक अंतरिक्ष अन्वेषण, तथा अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता जैसे नए व महत्वपूर्ण विषय भी शामिल किए गए हैं।

संसद का मानसून सत्र 40 दिन बाद भी औपचारिक रूप से समाप्त नहीं
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए 40 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मानसून सत्र का औपचारिक सत्रावसान अब तक नहीं हुआ है। इसके साथ ही दोनों सदनों के इतने लंबे समय तक बिना सत्रावसान के रहने का एक नया रिकॉर्ड बन गया है। इससे पहले साल 2015 में सदनों का सत्रावसान 28 दिनों के बाद किया गया था, जब सरकार जीएसटी कानून पर राजनीतिक सहमति बनाने का प्रयास कर रही थी। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। सामान्य नियम के अनुसार, कार्यवाही स्थगित होने के तीन से चार दिनों के भीतर राष्ट्रपति सरकार की सिफारिश पर सत्र के औपचारिक समापन की अधिसूचना जारी कर देते हैं।

नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी को एक अन्य मामले में 5 अक्तूबर तक जेल भेजा गया
पश्चिम बंगाल की एक स्थानीय अदालत ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 5 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मिलन के वकील अयान भट्टाचार्ज ने कहा कि वह इस फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस प्रत्याशी 19 साल पुराने मामले में पहले से ही 3 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। इस बीच रविवार को पुलिस ने उनके खिलाफ एक नया मामला दर्ज कर दिया, जिससे उन पर दर्ज मुकदमों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। शनिवार को खेजुरी पुलिस ने चौथे मामले में अरेस्ट वारंट तामील कराया था। वहीं, रविवार को नंदीग्राम पुलिस ने पांचवीं एफआईआर दर्ज कर दी। सोमवार को उन्हें कांटी उप-विभागीय अदालत में पेश गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 6 अक्तूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए 4 अक्तूबर को प्रचार थम जाएगा।
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सबरीमाला व्यवस्था पर टीडीबी के साथ कोई विवाद नहीं, केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने किया स्पष्ट
केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने आगामी सबरीमाला तीर्थयात्रा की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार और त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद या विवाद की खबरों को खारिज कर दिया है। साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान देवस्वम बोर्ड को बदलने या हटाने की सरकार की कोई योजना नहीं है और सरकार बिना किसी शिकायत के इस तीर्थयात्रा सीजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।   

मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों के लिए विशिष्ट लक्ष्य तय किए गए थे। जिन क्षेत्रों में काम में थोड़ी देरी देखी गई थी, वहां त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के साथ आवश्यक बातचीत कर ली गई है ताकि समय रहते सभी प्रबंध पूरे किए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस, अग्निशमन और अन्य आपातकालीन सेवाओं को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं।   
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