झारखंड की पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विमला प्रधान का शनिवार को यहां के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 69 वर्ष की थीं। उन्हें लिवर संबंधी जटिलताओं के कारण गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उनका निधन शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुआ। प्रधान ने 2009 और 2014 में सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने पर्यटन मंत्री का पद भी संभाला था। झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने उनके निधन को पार्टी और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनके निधन को पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि प्रधान ने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर समाज और राज्य की सेवा की। उन्हें संगठन के प्रति निष्ठा व समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
कांग्रेस-भाजपा को राजस्थान में कितनी सियासी सफलता
राजस्थान में 32 शहरी निकायों के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को बताया कि इनमें कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो-दो पद जीते, जबकि भाजपा के उम्मीदवार 28 शहरी निकायों में निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। राज्य के 309 शहरी निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी है। 305 शहरी निकायों, जिनमें सात नगर निगम शामिल हैं, में महापौर, अध्यक्ष और सभापति पदों के लिए 21 सितंबर को मतदान होगा। इसके बाद 22 सितंबर को उपमहापौर, उपाध्यक्ष और उपसभापति पदों के चुनाव होंगे। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों सहित सुकेत नगरपालिका में संबंधित पदों के चुनाव 25 सितंबर को होंगे।
डीके शिवकुमार ने राज्य सरकार के बड़े फैसले गिनाए
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तुलु को राज्य की दूसरी अतिरिक्त आधिकारिक भाषा बनाने का एलान किया है। मंगलुरु में पहली कैबिनेट बैठक के दौरान 32,611 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। तटीय और मलनाड कर्नाटक पर्यटन नीति 2026 को भी स्वीकृति दी गई है। ग्रामीण सड़क संपर्क और ग्रामीण अवसंरचना विकास के लिए कुल 16,000 करोड़ रुपये की परियोजना बनाई गई है। दक्षिण कन्नड़ का नाम बदलकर मंगलुरु करने के मामले में जनमत संग्रह कराया जाएगा। कैबिनेट की बैठक के बाद शिवकुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में 10-12 स्थानों पर कैबिनेट बैठकें आयोजित की जाएंगी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय 28 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए एक ग्राम सोने की अंगूठी योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के शुभारंभ और कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में हुई। इस योजना के तहत, 22 जून, 2026 से तमिलनाडु के किसी भी सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। अंगूठियों पर एक विशिष्ट सीरियल नंबर होगा और इन्हें छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग में वितरित किया जाएगा। पहले चरण के रूप में, सरकार ने 1.28 लाख सोने की अंगूठियों की खरीद की है। इस योजना का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में जनता का विश्वास बढ़ाना और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले बच्चों को मान्यता देना है। साथ ही ये योजना नवजात शिशु को मामा द्वारा उपहार देने की तमिल सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक भी है।
सरकार के अनुसार, तमिलनाडु में प्रतिवर्ष लगभग 7.8 लाख जन्म होते हैं, जिनमें से 99.9 प्रतिशत प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में होते हैं। लगभग 42 लाख प्रसव (53 प्रतिशत) सरकारी अस्पतालों में होते हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत व्यापक आपातकालीन प्रसूति एवं नवजात शिशु देखभाल (CEmONC) केंद्रों में संपन्न होते हैं। इस योजना से तमिलनाडु की स्थायी निवासी और गर्भावस्था एवं शिशु समूह निगरानी एवं मूल्यांकन प्रणाली (PICME) के अंतर्गत पंजीकृत तथा प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य (RCH) पहचान संख्या प्राप्त कर चुकी माताओं को लाभ मिलेगा। 28 सितंबर से 107 नामित केंद्रों के माध्यम से सोने की अंगूठियां वितरित करने की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों पर प्रतिदिन लगभग 100 बच्चों को सोने की अंगूठियां दी जाएंगी।
1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान कालाइकुंडा के ऊपर अपनी वीरतापूर्ण हवाई लड़ाई के लिए प्रसिद्ध फ्लाइट लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टाइरोन कुक (सेवानिवृत्त) का निधन हो गया है। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने शनिवार को यह जानकारी दी। वीर चक्र से सम्मानित फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुक का शुक्रवार को दिल्ली में निधन हुआ। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
आईएएफ ने वीरता को किया याद
भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस अनुभवी वायु योद्धा को श्रद्धांजलि दी और 1965 के युद्ध में उनके साहस और अदम्य वीरता को याद किया। आईएएफ ने पोस्ट में कहा, "भारतीय वायुसेना के सभी वायु योद्धा फ्लाइट लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टाइरोन कुक, वीआरसी के निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। एक ऐसे युद्ध नायक, जिनका साहस सैन्य विमानन के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा, फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुक ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान अदम्य वीरता का परिचय दिया।" आईएएफ ने इस पोस्ट के साथ कुक की एक पुरानी तस्वीर भी साझा की।
कालाइकुंडा की हवाई लड़ाई को बताया ‘मास्टरक्लास’
वायुसेना ने कहा, “कालाइकुंडा के ऊपर उनकी ऐतिहासिक हवाई भिड़ंत आक्रामक हवाई युद्ध और अटूट संकल्प का एक मास्टरक्लास बनी हुई है।” आईएएफ के मुताबिक, असाधारण वीरता, सामरिक कौशल और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह न करने के लिए फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुक को वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। वायुसेना ने कहा कि उनकी स्मृति आने वाली पीढ़ियों के वायु योद्धाओं को प्रेरित करती रहेगी।
पाकिस्तानी सेबर विमानों से हुई थी भिड़ंत
कालाइकुंडा एयर बेस पश्चिम बंगाल में स्थित है। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान इसके ऊपर भारतीय वायुसेना के पायलटों और पाकिस्तानी वायुसेना (पीएएफ) के सेबर विमानों के बीच भीषण हवाई मुकाबला हुआ था। इसी हवाई संघर्ष में फ्लाइट लेफ्टिनेंट एटी कुक की वीरता ने उन्हें युद्ध नायक के रूप में पहचान दिलाई।