कोविड-19 संक्रमण से बचाव और सुरक्षा के विशेष मानकों के साथ इंजीनियरिंग दाखिले की जेईई मेन मंगलवार को तय समय पर शुरू हुई। छह सितंबर तक प्रतिदिन दो-दो शिफ्ट में आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए 660 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें छह दिन तक 8.58 लाख छात्र परीक्षा देंगे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए) की तैयारियों के चलते परीक्षा में किसी प्रकार को फिलहाल कोई दिक्कत रिपोर्ट नहीं हुई है।
एनटीए महानिदेशक विनीत जोशी के मुताबिक, देशभर में परीक्षा समय से शुरू हुइ है। कुछ राज्यों के परीक्षा केंद्र में छात्र देरी से भी पहुंचे थे, लेकिन पहला दिन होने और दिक्कतों को समझते हुए किसी को भी परीक्षा से रोका नहीं गया है। पहली शिफ्ट समाप्त होने के बाद दूसरी शिफ्ट में तीन घंटे का अंतराल था। इसके चलते परीक्षा केंद्र, क्लासरूम, कंप्यूटर समेत अन्य एरिया को अच्छे से सेनेटाइज के बाद दूसरी शिफ्ट को शुरू किया गया। हालांकि पहली शिफ्ट वाले कंप्यूटर खाली ही रहे। क्योंकि सम-विषम फार्मूले के तहत तैयार सीटिंग प्लान के कंप्यूटर पर छात्रों को बिठाया जा रहा है। मैं छात्रों और अभिभावकों का धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने परीक्षा में सहयोग किया। इसके अलावा मैं आश्वासन देता हूं कि उनके बच्चे परीक्षा केंद्र में पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। आगामी जेईई मेन की शिफ्ट और नीट के लिए भी मैं इसी सहयोग की अपील करता हूं।
एनटीए प्रबंध के मुताबिक, लखनऊ में कृष्णानगर और जानकीपुरम विस्तार में कोई परीक्षा केंद्र रद नहीं किया गया है। यहां पर कोई परीक्षा केंदद्रनहीं बनाया गया था। न ही किसी सेंटर से छात्रों को वापिस भेजा गया है।
पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र में परिवहन की दिक्कत:
पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र समेत ओडिशा में परिवहन की दिक्कत की छात्रों ने शिकायत की थी। छात्रों ने राज्यों सरकारों से परिवहन व्यवस्था समय और सामाजिक दूरी के नियम के पालन के तहत अधिक बसों को उतारने की मांग रखी है। एनटीए ने भी मंगलवार को दोबारा राज्य सरकारों से इस मुद्दे पर बात की। वहीं, कुछ परीक्षा केद्रों के बाहर सड़कों पर छात्र भीड़ के रूप में खड़े थे। इस पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से आग्रह किया गया है कि वे परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा और कोविड-19 नियमों का पालन करवाएं।
केंद्रीय गृहमंत्रालय ले रहा है रिपोर्ट:
एनटीए द्वारा आयोजित इस परीक्षा की सीधी रिपोर्ट केंद्रीय गृहमंत्रालय को दी जाएगी। इसमें सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की रिपोर्ट बनेगी। यदि कोई राज्य राष्ट्रीयस्तर की इस परीक्षा में सहयोग नहीं करता है तो उनसे जवाब तलब भी किया जाएगा। इसके अलावा प्रतिदिन रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय गृहमंत्रालय राज्यों से दिक्कतों को दूर करने को भी कहेगा।
एनटीए मुख्यालय से निगरानी:
सभी 660 परीक्षा केंद्रों की निगरानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी मुख्यालय से हो रही है। एनटीए महानिदेशक विनीत जोशी समेत अन्य अधिकारी एक-एक सेंटर, कार्डिडोर व क्लासरूम की दिनभर निगरानी करते रहे। जहां कोविड-19 नियम और परीक्षा नियम का पालन नहींहो रहा था,उनको दिल्ली से सीधे दुरस्त किया जा रहा है। परीक्षा केंद्र में 30 छात्रों पर एक जैमर और दस हजार से अधिक सीसीटीवी से निगरानी की गई। यह सब सीसीटीवी को एनटीए मुख्यालय से जोड़ दिया गया था।
टच फ्री परीक्षा में बारकोड से एडमिट कार्ड स्कैन:
परीक्षा केंद्र के बाहर छात्र गोल घेरे में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। सबसे पहले हाथ धोने के बाद उन्हें मॉस्क और दस्ताने दिये गए। इसके बाद उनके कपड़ों और जूतों को सेनेटाइज किया गया। इस दौरान चारों ओर सेनेटाइजर मशीन सेनेटाइज करती रही। टच फ्री परीक्षा में किसी भी दस्तावेज को हाथ नहीं लगाया गया। बारकोड स्कैनर से एडमिट कार्ड स्कैन हुआ। घर से सादे कागज पर अंगूठे का निशान वाला कागज छात्रों ने परीक्षा केंद्र में जमा किया। इस कागज को भी स्कैनर ने स्कैन किया है। जिन छात्रों की हल्की सी भी तबीयत खराब या फिर थकान दिखी, उन्हें आइसोलेशन कमरे में परीक्षा का इंतजाम किया गया था।