आंध्र पुलिस ने विशाखापत्तनम रेंज में 52 टन गांजा और 142 लीटर हशीश तेल नष्ट किया
आंध्र प्रदेश पुलिस ने बुधवार को एन्टी-नारकोटिक्स अभियान के तहत विशाखापत्तनम रेंज में जब्त 52 टन से अधिक गांजा और लगभग 142 लीटर हशीश तेल नष्ट किया, एक पुलिस अधिकारी ने बताया। ये मादक पदार्थ अन्नकापल्ली जिले के परावड़ा क्षेत्र में कोस्टल वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट में जलाए गए। विशाखापत्तनम रेंज के आईजी गोपीनाथ जट्टी ने कहा कि यह कार्रवाई एन्टी-नारकोटिक्स अभियान के तहत की गई। उन्होंने बताया कि 780 से अधिक मामलों से जुड़े 52,000 किलोग्राम गांजा और 142 लीटर हशीश तेल नष्ट किया गया।
जून 2024 से जनवरी 2026 तक पुलिस ने 970 से अधिक मामले दर्ज किए, लगभग 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया और 55,000 किलो गांजा, 56 किलो हशीश तेल और 685 वाहन जब्त किए। एनडीपीएस कानून के तहत 14 मुख्य आरोपियों की संपत्तियाँ 9 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की जब्त की गईं। पुलिस ने 1,600 से अधिक लोगों के खिलाफ इतिहास पत्र खोले और 33 ड्रोन 1,360 बार 129 हॉटस्पॉट पर तैनात किए। युवाओं को नशे से दूर रखने और गांजा मुक्त समाज बनाने के लिए 29,840 एकड़ में 1.5 करोड़ वैकल्पिक फसल पौधे वितरित किए गए।
केरल : 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पंचायत ओवरसियर गिरफ्तार
केरल के सतर्कता (विजिलेंस) अधिकारियों ने एर्नाकुलम जिले की वडावुकोड-पुथेनक्रूज ग्राम पंचायत के ओवरसियर (तकनीकी निरीक्षक) दीपेश कुमार को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, विभाग के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी ट्रैप जब्ती है। आरोपी ने एक गोदाम के लिए कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने के बदले एक व्यवसायी से यह रिश्वत मांगी थी। व्यवसायी की शिकायत पर सतर्कता टीम ने जाल बिछाया और दीपेश को कलेक्टरेट के पास 5 लाख नकद और 10 लाख का चेक लेते हुए दबोच लिया। इसके बाद आरोपी के कक्कानाड स्थित घर से 5.5 लाख रुपये नकदी मिली। पुलिस ने बंगलूरू और कासरगोड स्थित उनके ठिकानों से भी वित्तीय दस्तावेज बरामद किए हैं। अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
भारत-नेपाल के बीच वन, पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण पर करार
भारत और नेपाल ने बुधवार को वन, वन्यजीव, पर्यावरण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य साझा पारिस्थितिकी तंत्र और सीमापार वन्यजीव आवासों के संरक्षण में तालमेल मजबूत करना है। समझौते के तहत दोनों देश परिदृश्य स्तर पर जैव विविधता संरक्षण रणनीति तैयार करेंगे। इसमें हाथी, गंगा की डॉल्फिन, गैंडा, हिम तेंदुआ, बाघ और गिद्ध जैसी प्रजातियों के संरक्षण पर विशेष जोर रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन को सुदृढ़ करने, वन्यजीव गलियारों की बहाली और आपस में जुड़े पारिस्थितिक क्षेत्रों के विकास की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। समझौते में वन एवं वन्यजीव अपराधों से निपटने, प्रवर्तन एजेंसियों के अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की क्षमता बढ़ाने और जैव विविधता वाले क्षेत्रों में हरित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है। यह समझौता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और नेपाल के वन एवं पर्यावरण मंत्री माधव प्रसाद चौलागाईं की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
आत्मसमर्पण के एक दिन बाद वरिष्ठ माओवादी नेताओं का पारिवारिक मिलन
तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के एक दिन बाद थिप्पिरी तिरुपति उर्फ़ देवूजी और अन्य वरिष्ठ माओवादी नेताओं ने बुधवार को अपने परिवारजनों से भावुक पुनर्मिलन किया। कोरुतला, जगतियाल जिले के मूल निवासी देवूजी ने 1982 के बाद पहली बार परिवार से मुलाकात की। उनके छोटे भाई गंगाधर ने कहा कि देवूजी समय के प्रभाव के कारण सभी को पहचान नहीं पाए, लेकिन परिवार से मिलने पर खुश थे। देवूजी ने रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बारे में पूछा और किसी भी बुरी आदत से दूर रहने पर जोर दिया। उन्होंने परिवार से अपने भविष्य और शहर में जीवन पर चर्चा करने का वादा किया।
उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से आत्मसमर्पण किया और कानूनी ढांचे के भीतर अपने राजनीतिक करियर को जारी रखने की प्रतिज्ञा की। देवूजी, जो प्रतिबंधित CPI (माओवादी) संगठन के वरिष्ठ कमांडर और रणनीतिकार हैं, ने केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी के साथ 24 फरवरी को पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। दो अन्य अतिवादी, बड़े चोक्का राव उर्फ़ जगन और नुने नरसिंह रेड्डी उर्फ़ गंगन्ना ने भी हथियार समर्पित किए।