उत्तरी कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक व्यक्ति की कथित तौर पर लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। विपक्षी भाजपा ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हत्या की जांच की मांग की है।
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस मौत को हत्या करार दिया और इसके लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जो स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख भी हैं, स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम और अस्पताल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। सुवेंदु अधिकारी ने पुरबा मेदिनीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों से कहा मेरे पास दस्तावेज हैं... उन्होंने जानबूझकर मरम्मत के अधीन चल रही लिफ्ट का इस्तेमाल करके (उस व्यक्ति की) हत्या कर दी। हत्या का मामला तुरंत दर्ज किया जाना चाहिए।
पीड़ित के परिवार के अनुसार, लगभग 40 वर्ष की आयु का वह व्यक्ति लिफ्ट में अचानक खराबी आने पर अंदर फंस गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लिफ्ट मरम्मत के अधीन थी, उस समय कोई ऑपरेटर ड्यूटी पर नहीं था और उसे ठीक से सुरक्षित नहीं किया गया था। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घायल अवस्था और नाक से खून बहने की हालत में उस व्यक्ति को बचाया गया और उसे आपातकालीन इकाई में ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि चल रही जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों का कोई धर्म-जाति नहीं: गुजरात के उपमुख्यमंत्री
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने शनिवार को कहा कि अपराधियों का कोई धर्म या जाति नहीं होती। उन्होंने कहा, पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए 'हनुमान जी' बन जाएगी। वह वडोदरा शहर पुलिस कमान एवं नियंत्रण केंद्र उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे, जो राज्य पुलिस के तकनीक के जरिये तेज निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला नेटवर्क (नेईटीआरएएम) परियोजना का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, अपराधियों का कोई धर्म नहीं होता या जाति नहीं होती। गुजरात पुलिस राज्य में असामाजिक तत्वों को पकड़ने के लिए दृढ़ है। अगर कोई अपराधी नागरिकों को परेशान करता है, तो पुलिस लोगों को बचाने के लिए हनुमान जी बन जाएगी। सांघवी ने यहां राज्य के प्रभारी पुलिस महानिदेशक केएलएन राव और शहर के पुलिस आयुक्त नरसिंह कोमार के साथ सीसीटीवी और ट्रैफिक नेटवर्क का निरीक्षण भी किया।
हैदराबाद में महिला डॉक्टर ने की आत्महत्या, माता-पिता ने घर में बिल्ली रखने पर जताई थी आपत्ति
हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसके माता-पिता ने घर में पालतू बिल्ली रखने पर आपत्ति जताई थी। घरवालों ने कथित तौर परउसे घर में बिल्ली रखने से मना किया था। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद महिला आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रही थी। वह तीन महीनों से उस बिल्ली को पाल रही थी। लेकिन उसके माता-पिता को यह पसंद नहीं था, जिसके कारण उसने यह बड़ा कदम उठा लिया। महिला अलवाल इलाके की रहने वाली थी। उसने शुक्रवार को अपने घर में फांसी लगाकर अपनी जान दी। 18 मार्च को भी एक 20 साल की छात्रा ने यहां मीरपेट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। वह भी अपनी पालतू बिल्ली की मौत से बहुत दुखी थी।