केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अवैध कॉल सेंटर के जरिये अमेरिकी नागरिकों से करीब 85 लाख डॉलर की ठगी करने में मुख्य आरोपी लखन जयप्रकाश जगवानी को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने इस मामले में पिछले साल दिसंबर में केस दर्ज किया था। गुरुवार को जारी बयान में जांच एजेंसी ने कहा, यह अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह सितंबर 2022 से ही नई दिल्ली, नोएडा और देश के अन्य स्थानों से अवैध कॉल सेंटर चला रहा था। आरोपी अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों की फर्जी पहचान बनाकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे।
पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें, 2000 बसों के पहिये थमे; ओडिशा सरकार बोली- ईंधन की किल्लत नहीं
ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कई पंपों पर स्टॉक नहीं है के बोर्ड भी नजर आए। हालांकि, बृहस्पतिवार को आई खबरों के बीच राज्य सरकार ने दावा किया कि ईंधन की कोई कमी नहीं है। दूसरी ओर, ओडिशा प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन ने कहा कि ईंधन की किल्लत के कारण करीब 2,000 बसों के पहिये थम गए हैं। खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि लगभग 2,850 में से केवल 20-22 पंपों पर अस्थायी समस्या आई है। उन्होंने लोगों से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि 130-140 रुपये प्रति लीटर वसूलने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई होगी। भुवनेश्वर के अलावा कटक, पारादीप और जयपुर जैसे शहरों में भी पेट्रोल पंपों पर कतारों की खबरें हैं।
जोरहाट में एयर रेड मॉक ड्रिल सफल, डीसी ने परखी सभी तैयारियां
जोरहाट में गृह मंत्रालय के निर्देश पर एयर रेड (हवाई हमले) मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। डीसी जय शिवानी ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति के लिए सभी विभागों की तैयारियों को बारीकी से परखना था, ताकि असली खतरे के समय तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीसी के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों से जनता को लगातार जागरूक किया जा रहा था। सख्त निर्देश था कि खतरे का सायरन बजते ही लोग अपने घरों और दुकानों में पूरी तरह से 'ब्लैकआउट' करें। इन्वर्टर या जनरेटर होने पर भी सभी लाइटें बंद रखी जाएं, ताकि किसी भी इमारत से बाहर रोशनी न जाए। यह मॉक ड्रिल पूरी तरह से सफल रही।
गुजरात में दर्दनाक हादसा, टैंक की सफाई के दौरान गैस रिसाव से 3 मजदूरों की मौत
गुजरात की राजधानी गांधी नगर में बड़ा हादसा हो गया। कलोल के साईज जीआईडीसी क्षेत्र में जहरीली गैस के रिसाव के कारण तीन श्रमिकों की मौत हो गई। वहीं, एक श्रमिक की गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये श्रमिक माफतलाल गुजरात इंडस्ट्रीज नामक कंपनी के ईटीपी संयंत्र के भूमिगत टैंक की सफाई करने गए थे। कलोल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, गांधीनगर के कलोल स्थित साईज जीआईडीसी के ईटीपी संयंत्र के भूमिगत टैंक में कीचड़ और कचरा निकालने के लिए मजदूर उतरे थे। जैसे ही वे नीचे उतरे, दम घुटने से वे बेहोश हो गए और टैंक में कीचड़ में फंस गए। जहरीली गैस से एक मजदूर के प्रभावित होने के बाद, अन्य मजदूर उसे बचाने के लिए गए। हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले अमित प्रीतम परिहार (32), उत्तर प्रदेश के रहने वाले अमर कुमार श्रीवास्तव (33) और शिवनाथ रामशंकर दुबे (44) की मौत हुई है, जबकि इस दुर्घटना में अनिल भगवान लोधी की हालत गंभीर है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। मजदूरों की असमय मृत्यु से उनके परिवार सदमे में हैं।
कलोल पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच के मुताबिक यह हादसा गैस लीकेज की वजह से हुआ है। हादसे में मारे गए तीनों व्यक्तियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही एफएसएल की टीम ने मौके पर नमूने एकत्रित किए। पुलिस ने इस घटना में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है कि क्या कंपनी ने सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए थे या नहीं। अक्टूबर 2025 में भी इसी तरह का हादसा हुआ था। अहमदाबाद शहर में एक फैक्टरी में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी।
हैदराबाद-जयपुर स्पेशल ट्रेन के कोच में भड़कीं आग की लपटें, दमकल विभाग ने समय रहते पाया काबू
हैदराबाद रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार शाम खड़ी हैदराबाद-जयपुर स्पेशल ट्रेन के एक खाली कोच में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, कोच पूरी तरह खाली था और ट्रेन अपनी रवानगी की तैयारी में थी। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 02731 हैदराबाद-जयपुर स्पेशल ट्रेन स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी। शाम के वक्त अचानक ट्रेन के एक डिब्बे से धुआं निकलता देखा गया। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं, जिससे स्टेशन परिसर में यात्रियों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। रेलवे कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत फायर एक्स्टिंग्विशर का इस्तेमाल किया और दमकल विभाग को सूचित किया।