एनआईए की चार्जशीट में पचमढ़ी के होटल मालिक का दावा
2008 के मालेगांव ब्लास्ट के मुख्य आरोपी ले. कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित ने ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ कार्यक्रम की आड़ में एक प्रशिक्षण शिविर का संचालन किया था। यह दावा एनआईए ने इस मामले में दायर चार्जशीट में किया है। इस बारे में एनआईए ने पचमढ़ी के एक होटल के मालिक का बयान रिकॉर्ड किया है। यह होटल मालिक अभियोजन पक्ष का गवाह है।
होटल मालिक के बयान के मुताबिक, सितंबर 2005 में पुरोहित ने उससे मुलाकात कर पचमढ़ी में 40-50 लोगों के लिए ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ से संबंधित एक कैंप की व्यवस्था करने को कहा था। गवाह के मुताबिक, इसके लिए आरोपी अजय राहिरकर ने बतौर एडवांस 25 हजार रुपये अकाउंट में जमा कराए थे। गवाह ने बताया कि इस कैंप की व्यवस्था की गई थी और इसके लिए 6-7 टेंट लगाए गए थे। उसने कहा है कि मुझे लगता है कि यह कैंप ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ से संबंधित नहीं था, बल्कि यहां कुछ और ही चल रहा था।
गवाह ने एनआईए को बताया कि यह एक तथ्य है कि पुरोहित ने एयर राइफल का बंदोबस्त करने का आग्रह किया था, जिससे होटल मालिक ने इनकार कर दिया। उसने टीवी और डीवीडी की व्यवस्था की थी। गवाह ने बताया कि इस दौरान उसने देखा कि प्रतिभागियों को लाठी चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी।
वांछित आरोपी बब्बर खालसा के सदस्य
मालेगांव ब्लास्ट मामले के फरार आरोपी रामचंद्र कलसांगरे और संदीप डांगे को एनआईए ने प्रतिबंधित आतंकी समूह बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सदस्य बताया है। एनआईए की आधिकारिक वेबसाइट पर इन दोनों वांछित आरोपियों के संगठन के तौर पर ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ का नाम लिखा है। 41 वर्षीय कलसांगरे मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले का रहने वाला है, जबकि 46 वर्षीय डांगे इंदौर का निवासी है।