भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नकली फास्टैग की ऑनलाइन बिक्री को लेकर लोगों को आगाह किया है। एनएचएआई ने कहा कि कुछ लोग नकली फास्टैग ऑनलाइन बेच रहे हैं।
इन धोखेबाजों ने ( एनएचएआई / आईएचएमसीएल ) की तरह दिखने वाले फास्टैग बनाए हैं, जो असली नहीं हैं। ऐसे फास्टैग टोल प्लाजा को पार करने के लिए मान्य नहीं हैं। लोग मूल फास्टैग खरीदने के लिए आईएचएमसीएल की वेबसाइट पर जाएं या माईफास्टैग एप का उपयोग करें।
नकली फास्टैग की शिकायत इस नंबर पर करें --
एनएचएआई ने कहा कि लोग फास्टैग को सूचीबद्ध बैंकों और उनके अधिकृत विक्त्रस्य एजेंटों से भी खरीद सकते हैं। आप एनएचएआई हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करके नकली फास्टैग के बारे में शिकायत कर सकते हैं।
15 फरवरी से देशभर में फास्टैग है अनिवार्य
केंद्र सरकार ने 15 फरवरी 2021 से पूरे देश में फास्टैग को अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद अब वाहनों में फास्टैग न होने की स्थिति में लोगों को टोल प्लाजा पर दोगुना शुल्क देना पड़ रहा है।