2) राजमार्ग मोबाइल एप्लिकेशन
यह एक नागरिक-केंद्रीत एप्लिकेशन है, जो शिकायतें दर्ज कराने, टोल तथा यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त करने और निकटस्थ अस्पताल या पुलिस थाने की जानकारी प्राप्त करने के लिए यूजर-फ्रेंड्ली इंटरफेस प्रदान करता है। इसके जरिए नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले यूजर्स ही जियो-टैगिंग द्वारा समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं। विभिन्न विकल्प, जैसे कि शिकायतों की रियल टाइम फॉरवर्डिंग, फील्ड लेवल रिस्पॉन्स, क्लोजर यानी निवारण संबंधी सूचनाओं तथा यूजर्स के फीडबैक सिस्टम में बिल्ट-इन हैं।
3) सार्वजनिक शिकायत के लिए पोर्टल (CPGRAMS)
नागरिक
https://pgportal.gov.in के माध्यम से एनएचएआई अथवा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का चयन कर शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यह पोर्टल आगे की कार्यवाही के लिए शिकायतों को उचित पीआईयू या क्षेत्रीय कार्यालयों (रीजनल ऑफिस) को भेज देता है। निवारण संबंधी विवरण तथा फीडबैक के विकल्प पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं, जबकि अनसुलझी शिकायतों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
6) टोल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (टीआईएस)
टीआईएस पोर्टल (
https://tis.nhai.gov.in) तत्काल शिकायत निवारण या आपात स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नंबर का विवरण, रूट की जानकारी तथा फील्ड लेवल के अधिकारियों व टोल मैनेजरों के संपर्क नंबर प्रदान करता है।
एनएचएआई का यह एकीकृत दृष्टिकोण भारत के विस्तृत हो रहे हाईवे नेटवर्क पर रोड यूजर्स के अनुभव को बढ़ाने के लिए तेज, डेटा-आधारित रिस्पॉन्स मैकेनिज्म सुनिश्चित करता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया अपनी सेवा-वितरण पद्धतियों में निरंतर नवीनीकरण करता है, जिससे प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, विश्वसनीय तथा पारदर्शी रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सुलभ बनें।