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National Herald Case: इस बार क्यों आसान नहीं है सोनिया और राहुल का बचाव! दो केसों में क्यों एक्शन नहीं ले रहे अमित शाह

सार

आयकर विभाग की रिपोर्ट है, शहरी विकास मंत्रालय की बिल्डिंग रिपोर्ट है। ईडी द्वारा मनी लांड्रिंग के तहत मामले की जांच की गई है। बतौर सुब्रमण्यम स्वामी, इन लोगों ने मार्केट से जो पैसा उठाया था, उसमें धोखाधड़ी थी...
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सोनया गांधी, राहुल गांधी - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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नेशनल हेराल्ड मामला, इस बार कांग्रेस पार्टी के लिए गले की फांस बन सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के लोकसभा सांसद राहुल गांधी को ईडी ने पूछताछ के लिए समन भेज रखा है। चूंकि सोनिया गांधी, कोरोना संक्रमित हैं, इसलिए उनकी पेशी की नई तिथि निर्धारित नहीं हुई है, जबकि राहुल गांधी 13 जून को ईडी के समक्ष पेश होंगे। पार्टी ने इस दौरान बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन करने की तैयारी की है। राहुल की पेशी के वक्त कांग्रेस पार्टी के तमाम राष्ट्रीय नेता, सांसद, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के मौजूद रहने की संभावना है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी, जिन्होंने सोनिया व राहुल के खिलाफ नेशनल हेराल्ड को लेकर केस किया है, कहते हैं, कांग्रेस नेता इस मामले में बच नहीं सकते। वे कांग्रेस को छोड़ेंगे नहीं। अगर ये दोनों बच निकलते हैं तो भारतीय जनता में निराशा आ जाएगी। ये हिंदुस्तान का एक बड़ा घोटाला है। स्वामी ने कहा, दो अन्य केसों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एक्शन लेने में देरी कर रहे हैं।

मार्केट से जो पैसा उठाया था, उसमें धोखाधड़ी थी

सुब्रमण्यम स्वामी ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा, नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस पार्टी के नेता फंस जाएंगे, क्योंकि ये दस्तावेजों पर आधारित केस है। इसमें कोई भी बात हवा में नहीं कही गई है। जांच एजेंसियों के निष्कर्ष मौजूद हैं। सोनिया गांधी की पेशी बाबत उन्होंने कहा, कोविड संक्रमण में दो-तीन सप्ताह का समय लग सकता है। उसके बाद उन्हें भी जांच एजेंसी की पूछताछ में शामिल होना पड़ेगा। विभिन्न एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट दी है। आयकर विभाग की रिपोर्ट है, शहरी विकास मंत्रालय की बिल्डिंग रिपोर्ट है। ईडी द्वारा मनी लांड्रिंग के तहत मामले की जांच की गई है। बतौर सुब्रमण्यम स्वामी, इन लोगों ने मार्केट से जो पैसा उठाया था, उसमें धोखाधड़ी थी। मां-बेटा, कंपनी बनाते हैं। ऑस्कर फर्नांडिस और मोतीलाल वोरा का देहांत हो गया है। ऐसे में अब मां-बेटा ही कंपनी के सौ फीसदी मालिक हैं।

पांच लाख रुपये की कंपनी, पांच हजार करोड़ रुपये की बनी!  

स्वामी ने कहा, पांच लाख रुपये में कंपनी खोली गई। आज उस कंपनी का पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार है। अखबार छापने वाली कंपनी की संपत्ति, सारे देश में मौजूद है। अखबार चलाने के लिए जो बिल्डिंग दी गई, उसे किराए पर दे दिया जाता है। अखबार छापने के लिए सस्ते दाम पर जमीन दी गई। दिल्ली के अलावा मुंबई, भोपाल, पटना, इंदौर, लखनऊ व अन्य दूसरे स्थानों पर जमीनें हैं। जो लोग खुद को ऐसे परिवार से बताते हैं, जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया है। अब उसी परिवार ने कंपनी को हड़प लिया। आयकर विभाग कहता है कि कंपनी को मिले पैसे दान नहीं है, बहाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ रुपये दिए थे। मोतीलाल वोरा ने कहा, कर्जा वापस नहीं दे सकते। कंपनी बंद कर रहे हैं। इसके बाद सोनिया गांधी ने कंपनी खोली। ऑस्कर फर्नांडिस महामंत्री बने तो वोरा ने कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। बतौर स्वामी, अगर पैसा ही जुटाना था तो कंपनी को नीलाम क्यों नहीं किया गया।  

अमित शाह ने इन दो मामलों में नहीं लिया एक्शन

सुब्रमण्यम स्वामी के अनुसार, सोनिया गांधी पर नागरिकता का मामला है। हिंदुस्तान के संविधान में लिखा है कि देश में केवल एक ही नागरिकता मिलेगी। यहां दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है। सोनिया गांधी के पास दोहरी नागरिकता है, वह समाप्त होनी चाहिए। उनके पास दो पासपोर्ट हैं। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आगे नहीं बढ़ रहे। वे चाहें तो कार्रवाई हो सकती है। राहुल गांधी ने लंदन में एक कंपनी शुरू की। सोनिया, उसकी चेयरमैन हैं। राहुल द्वारा वहां पर यह कहा गया कि मैं ब्रिटिश नागरिक हूं। यहां भी अमित शाह कुछ नहीं कर रहे। ईडी ने राहुल व सोनिया को बुलाया है। इस केस की रोजाना सुनवाई हो। हेराल्ड दस्तावेज लेने के लिए उन्हें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जाना पड़ता है। आयकर विभाग कहता है, इन्होंने फ्रॉड किया है। हर एक साल के लिए पांच सौ करोड़ रुपये जुर्माना देना है। ईडी ने कहा कि गलत तरीके से विदेश से पैसा लिया है।

मोदी सरकार ने ईडी से नोटिस जारी करवाया है

कांग्रेस पार्टी के महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा, मोदी सरकार देश को गुमराह करने के लिए आए दिन मुद्दों को भटकाने की राजनीति करती है। केंद्र सरकार बदले की भावना में अंधी हो गई है। सरकार ने सोनिया व राहुल के खिलाफ कायराना साजिश रची है। नेशनल हेराल्ड मामले में अब प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी को अपनी कठपुतली ईडी से नोटिस जारी करवाया है। पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, मोदी सरकार की विरोधी दलों को निशाना बनाने की यह पुरानी बीमारी है। कांग्रेस ने 1937 में स्थापित 'नेशनल हेराल्ड' अखबार चलाने वाली कंपनी 'एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड' (एजेएल) को लगभग 10 साल के अरसे में व करीब 100 किश्तों में चेक द्वारा अपनी देनदारी के भुगतान के लिए 90 करोड़ रुपये की राशि दी है। इसमें से 67 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल नेशनल हेराल्ड ने अपने कर्मचारियों के देय भुगतान के लिए किया व बाकी पैसा बिजली भुगतान, किराया और भवन आदि पर खर्च किया गया। राजनीतिक दल की ओर से दिया जाने वाला कर्ज न तो अपराध है और न ही गैरकानूनी है।

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