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National Herald Case: कांग्रेस को अभी इस मुसीबत का अंदाजा नहीं, सोनिया गांधी से भी इसी तरह पूछताछ करेगी ईडी

सार

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के अनुसार, यह एक बड़ा घोटाला है। यंग इंडिया के अपने हिस्से में तो केवल पांच लाख रुपये ही थे। इसने कांग्रेस को पचास लाख रुपये दे दिए। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड के साथ गांधी परिवार का क्या रिश्ता है। यह कंपनी हवाला कारोबार करती है और नकद धन के बदले चेक से रकम उपलब्ध कराती है...
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National Herald Case: राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी - फोटो : Agency
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विस्तार
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नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी व लोकसभा सांसद राहुल गांधी के लिए बचना आसान नहीं है। ये मामला अब कांग्रेस पार्टी के गले की फांस बनता जा रहा है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी से ईडी द्वारा पूछताछ की जा रही है। कांग्रेस पार्टी के शासन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लेकर सांसद, विधायक एवं संगठन से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिल्ली में डेरा डाले बैठे हैं। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी, जिनकी शिकायत पर ईडी ने सोनिया व राहुल को समन किया है, उनके मुताबिक, इस केस में सौ फीसदी जेल का योग है। कांग्रेस को अभी इस मुसीबत का अंदाजा नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय, सोनिया गांधी से भी इसी तरह पूछताछ करेगा। मनी लॉंड्रिंग मामले में ईडी के प्रावधान बहुत सख्त हैं।

दो ही विकल्प बचे थे, बेल लो या जेल जाओ

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के अनुसार, यह एक बड़ा घोटाला है। यंग इंडिया के अपने हिस्से में तो केवल पांच लाख रुपये ही थे। इसने कांग्रेस को पचास लाख रुपये दे दिए। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड के साथ गांधी परिवार का क्या रिश्ता है। यह कंपनी हवाला कारोबार करती है और नकद धन के बदले चेक से रकम उपलब्ध कराती है। बतौर स्वामी, 2013 में यह केस किया गया था। एक साल की सुनवाई होने के बाद समन जारी हो सका। आरोपियों के पास दो ही विकल्प बचे थे। बेल लो या जेल जाओ।

पांच लाख रुपये की कंपनी करोड़ों में पहुंची

अखबार छापने के लिए एक संगठन बनाया गया। पांच लाख रुपये की कंपनी पांच हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। कंपनी के नाम पर कई प्रांतों में जमीन ले ली गई। अखबार चला नहीं तो बेचने की नौबत आ गई। ऑस्कर फर्नांडिस और मोतीलाल वोरा के सहयोग से यंग इंडिया, एक नया संगठन बनता है। सोनिया व राहुल का इसमें ज्यादा हिस्सा रहा है। अब ये कंपनी बन चुकी है। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, ये भी गौर करने लायक है कि एजीएल कंपनी को इन्हें देने की योजना कब और कैसे बनी।

कंपनी पर कर्जा बढ़ता चला गया

छपाई का काम बंद हो गया। कंपनी पर कर्जा बढ़ता चला गया। ये बहाना बनाया गया कि उसे कांग्रेस को भी 90 करोड़ रुपये भी देने हैं, इसलिए कंपनी को बंद करना पड़ रहा है। खास बात, आयकर विभाग ने कहा, कंपनी के खाते में 90 करोड़ रुपये आने का इशारा भी नहीं है। सोनिया गांधी, मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस ने बैठक कर कांग्रेस को कहा, कंपनी बंद हो गई। यहां पर यह सवाल नहीं उठा कि कंपनी को नीलाम क्यों नहीं किया गया। कर्ज चुकाने के लिए कंपनी को नीलाम कर देना चाहिए था। अस्तित्व में आते ही यंग इंडिया को 50 लाख रुपये कांग्रेस को देने पड़े। यही पहला फ्रॉड था। जिस कंपनी की आय, पांच लाख रुपये थी, उसके पास एकाएक 50 लाख रुपये कैसे आ गए। दान के नाम पर राशि दे दी गई। कर्जा तो जीरो रहा और जमानत राशि भी जीरो रही।  

जांच एजेंसी के पास पर्याप्त सबूत हैं

उस वक्त कंपनी के चेयरमैन मोतीलाल वोरा थे। बतौर स्वामी, उन्होंने कहा, नौ करोड रुपये का शेयर अतिरिक्त छाप देते हैं। चलो, आप कंपनी ही ले लो। साल 2018 को नया दस्तावेज ईडी को दिया गया। मामले की जांच हुई तो पता चला कि हवाला का मामला बनता है। जांच एजेंसी के पास पर्याप्त सबूत हैं। राहुल गांधी, इस मामले में जेल जाएंगे। केवल, समय का इंतजार करें। राहुल को पूछताछ में बताना होगा कि बिना ब्याज के उन्होंने कर्जा कैसे ले लिया। कोई गारंटी भी नहीं दी। इस केस में फ्रॉड हुआ है। आपराधिक मामला होने के अलावा, यह आयकर महकमे का केस भी बनता है।

कांग्रेस नेता ने मांगी एफआईआर की कॉपी

कांग्रेस नेता, पी. चिदंबरम ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए लिखा, पीएमएलए के तहत कौन सा 'अनुसूचित अपराध' है, जिसकी ईडी ने जांच शुरू की है। किस पुलिस एजेंसी ने 'अनुसूचित अपराध' के संबंध में एफआईआर दर्ज की है। वह एफआईआर कहां है, क्या हमें एफआईआर की कॉपी दिखाएंगे। क्या आप जानते हैं कि अनुसूचित अपराध और एफआईआर के बिना, ईडी के पास पीएमएलए के तहत जांच शुरू करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।

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नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पेशी पर कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की जांच उनकी आवाज दबाने की कोशिश है।

इस वजह से हो रहा राहुल गांधी पर हमला

राहुल ने हमेशा मोदी सरकार से चीन द्वारा हमारे क्षेत्र पर कब्जा करने, महंगाई, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, बेरोजगारी व धार्मिक प्रतिशोध जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। सुरजेवाला ने कहा, इसी वजह से राहुल गांधी पर लगातार हमला किया जा रहा है। ईडी की यह कार्रवाई क्या जनता के मुद्दे उठाने वाली मुखर आवाज को दबाने का षड्यंत्र हैं। केवल राहुल गांधी पर ही सरकार इतनी हमलावर क्यों हैं। हैरानी की बात है कि जब कोई प्राथमिकी ही दर्ज नहीं है तो फिर पूछताछ के लिए राहुल गांधी को कैसे बुलाया जा सकता है। यह पूरी कार्रवाई असंवैधानिक और प्रतिशोध की राजनीति से प्रेरित है। बतौर रणदीप, हम गांधी जी के उत्तराधिकारी हैं, हम फिर पैदल चलकर जाएंगे। हमारा सत्याग्रह जारी रहेगा। कांग्रेस पार्टी का ये आंदोलन रुकेगा नहीं।

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