ओबामा केयर की तर्ज पर मोदी सरकार ने अपने आखिरी पूर्ण कालिक बजट में आयुष्मान भारत नाम की फ्लैगशिप योजना शुरू करने का एलान किया। जिसे मोदी केयर भी कहा जा रहा है। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत भारत के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये तक का बीमा उपलब्ध कराया जाएगा।
इस योजना पर चर्चा करते हुए नीति आयोग ने कहा कि इसके लिए हर साल 12 हजार करोड़ का खर्च आएगा। जिसके अंतर्गत 50 करोड़ लोगों की सुरक्षा निश्चित की जाएगी। बजट पेश करने के बाद अरुण जेटली ने ओपन हाउस में कहा था कि इसे 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। इधर नीति आयोग के मुताबिक यह योजना इस साल 15 अगस्त या 2 अक्टूबर से लागू की जा सकती है।
वहीं जेपी नड्डा ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि इस योजना को राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि इस योजना को केंद्र और राज्य सरकार के संयु्क्त प्रयास द्वारा लागू किया जाएगा। जिसमें 60 प्रतिशत का योगदान केंद्र सरकार का होगा और 40 प्रतिशत का योगदान राज्य सरकारों द्वारा किया जाएगा।
इस योजना को लागू करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेस के द्वारा एकत्रित राशि का इस्तेमाल किया जाएगा। 5 लाख रुपये तक का बीमा देने के लिए हर परिवार पर 1100 से 1200 रुपये तक का प्रीमियम आएगा।
केंद्रीय
स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुडान ने बताया कि इस योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं है। उन्होंने कहा कि इंश्योरेंस के मॉडल का चुनाव राद्य सरकारों की सहमति से किया जाएगा लेकिन हम चाहेंगे कि राज्य की सरकार आंध्र प्रदेश की आरोग्यश्री योजना की तर्ज पर राजी हो जाएं ताकि राशि, सरकार सिस्टम के अंदर ही रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस योजना के बाबत एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया है जिस पर आम सहमति बनाने के लिए इसे केंद्रीय कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा।