प्राइवेट हॉस्पिटल्स में इलाज करवाना लगातार महंगा हो रहा है, इलाज के नाम पर उनके द्वारा चलाए जा रहे गोरखधंधों का भी हर दिन पर्दाफाश हो रहा है। इसी बीच एक हैरान कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है कि किसी हॉस्पिटल में इलाज करवाने के लिए लोगों को कई बार अपनी प्रोपर्टी बेचनी पड़ती है और कई बार उन्हें पैसा उधार भी लेना पड़ता है। ये बातें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ हेल्थ इंटेलिजेंस द्वारा जारी की गई नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2017 में सामने आई हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, गांव हो या शहर दोनों जगह इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होना काफी महंगा हो गया है। शहर में रह रहे हर पांच में से एक परिवार को उधार लेकर हॉस्पिटल का बिल चुकाना पड़ता है। कई मामलों में जानने वाले भी मदद कर देते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि गुजरात के ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों को इलाज के लिए बाकी के मुकाबले ज्यादा पैसे देने होते हैं। शहरी इलाकों में असम सबसे महंगा है।
गुजरात के ग्रामीण इलाके में अगर कोई शख्स हॉस्पिटल में भर्ती होगा तो उसे लगभग 32,500 रुपए खर्च करने होंगे जो यूपी से चार गुना ज्यादा महंगा है। वहीं अगर कोई असम के किसी हॉस्पिटल में भर्ती होगा तो उसे लगभग 52,368 रुपए चुकाने होंगे जो कि राजधानी दिल्ली के सात गुना ज्यादा है।