डॉ. बलविंदर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, सफदरजंग अस्पताल
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2 मार्च को दिल्ली और जयपुर में 16 इतालवी नागरिक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद से यहां सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जिस तरह सीमा पर तैनात सेना हमारे देश की रक्षा कर रही है, ठीक उसी तरह देश के अंदर हमारे डॉक्टर महामारी से लड़ते हुए लोगों की जान बचा रहे हैं।
शुरुआत में इस महामारी के बारे में कुछ पता न होने के बाद भी हमने पहला मरीज 20 मार्च को डिस्चार्ज किया था। उसके डिस्चार्ज होने से पूरे अस्पताल को एक अलग ही गर्व महसूस हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात कार्यक्रम में हमारे डॉक्टरों की सराहना की थी।
हमारे यहां तेजी से मरीज बढ़ने लगे थे, लेकिन अच्छी बात थी कि ज्यादातर मरीज स्वस्थ हो रहे थे। वह भी तब जब इस बीमारी के उपचार को लेकर ज्यादा दिशा-निर्देश भी नहीं थे। हमारे जीवन में यह नया अध्याय खुला है, जिसके हर शब्द का अनुभव आजीवन रहेगा। मुझे खुशी है कि हमारे डॉक्टरों ने शुरुआत से लेकर अब तक इस लड़ाई में देश को आगे रखा है और आगे भी रखेंगे।
-डॉ. बलविंदर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, सफदरजंग अस्पताल
(माइक्रोबायोलॉजी के विशेषज्ञ। चिकित्सकीय शिक्षा ग्रहण करने के बाद इन्होंने यहां मरीजों की सेवा शुरू की। सफदरजंग अस्पताल को इन्हीं की निगरानी में देश का पहला कोविड अस्पताल बनाया गया था।)