राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने ट्विटर पर अश्लील सामग्री मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के लिए कहा है। आयोग ने ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक से एक सप्ताह के भीतर सभी अश्लील सामग्री को उसके मंच से हटाने के लिए कहा है।
दिल्ली पुलिस ने दिया था नोटिस
बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री प्रसारित किए जाने के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने के लिए दिल्ली पुलिस ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को नोटिस जारी किया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ट्विटर को मंगलवार को नोटिस भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने ट्विटर के संबंधित अधिकारियों से उनके प्लेटफॉर्म पर मौजूद बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्रियों के खिलाफ उठाए गए कदमों और ऐसी सामग्री प्रसारित करने वाले खातों के बारे में जानकारी देने के लिए कहा है।
बाल आयोग की शिकायत पर मामला हुआ दर्ज
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज की थी जिसमें उसपर आरोप है कि उसने अपने मंच पर बाल पोर्नोग्राफी तक पहुंच की अनुमति दी है। पुलिस ने कहा कि भारतीय दंड संहिता, यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा कानून (पॉक्सो) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नोटिस दिए जाने से पहले, आयोग ने पुलिस उपायुक्त (साइबर प्रकोष्ठ) अन्येष रॉय से पूछा था कि 29 मई को दिल्ली पुलिस को लिखे गए पत्र के अनुसार ट्विटर के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
पत्र में आयोग ने दिल्ली पुलिस से ट्विटर के विरुद्ध मामला दर्ज करने को कहा था। हाल में आयोग द्वारा की गई जांच में पाया गया था कि बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री ट्विटर पर आसानी से उपलब्ध है, जिसके आधार पर मामला दर्ज करने को कहा गया था।
ऐसे मामलों में ट्विटर की जीरो टॉलरेंस नीति है: ट्विटर प्रवक्ता
हालांकि ट्विटर के प्रवक्ता ने अश्लील सामग्री मामले में बयान दिया है। प्रवक्ता ने कहा है कि बाल यौन शोषण (सीएसई) के मामलों के लिए ट्विटर की जीरो टॉलरेंस नीति है। हम ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने वाली सामग्री का सक्रिय रूप से पता लगाना और हटाना जारी रखेंगे। इसके साथ ही इस मुद्दे से निपटने के लिए भारत में कानून प्रवर्तन और एनजीओ आदि के साथ मिलकर काम करेंगे।