भारत का आईटी सेक्टर वित्त वर्ष 2023 में 8.5 फीसदी की दर से बढ़ कर 24,500 करोड़ डॉलर का हो जाएगा। पिछले साल यह 15.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। नैसकॉम ने बुधवार को बताया कि 31 मार्च को खत्म हो रहे वर्ष में 2.90 लाख नौकरियां बढ़ीं। यह 2022 के 4.5 लाख से काफी कम हैं। इसके पीछे बीते साल कोविड महामारी की वजह से तकनीक में हुए ज्यादा निवेश, इस साल रूस-यूक्रेन युद्ध और बढ़ती महंगाई को माना गया।
अच्छे: देश की टॉप 5 आईटी कंपनियों के पास 1,800 करोड़ डॉलर की डील पाइपलाइन में हैं। यह बताता है कि इस सेक्टर में मजबूत मांग बनी हुई है। कई कंपनियां अपने क्लाइंट्स की संख्या में 10 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगा रही हैं। काम भी 6 से 7 प्रतिशत बढ़ सकता है। यह मुनाफा बढ़ाएगा।
बुरे: घोष के अनुसार फ्रेश इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स में रोजगारपरक कौशल की कमी मिल रही है। ऐसा शिक्षण प्रणाली में मौजूद खामियों से हो रहा है। इसमें निवेश की जरूरत है।
टीसीएस अध्यक्ष कृष्णन रामानुजन ने कहा कि पिछले दो साल अपवाद थे, इस साल कोविड-पूर्व के समय से ज्यादा भर्तियां होंगी।
नई तकनीकें : एआई से नई नौकरियां आएंगी
घोष ने दावा किया कि चैटजीपीटी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक आधारित माध्यमों का नौकरियों पर सीमित असर होगा। यह कर्मचारियों द्वारा बार-बार किये जाने वाले कामों की जगह ले सकते हैं, लेकिन इनसे अंततः: नई नौकरियां आएंगी।
आईटी सेक्टर : एक नजर