नासिक में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे आदिवासी छात्रों ने जिला कलेक्टर से बातचीत के बाद भूख हड़ताल खत्म कर दी है। हालांकि, छात्रों ने साफ किया है कि उनका धरना प्रदर्शन अभी जारी रहेगा।
जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने बताया कि छात्रों की समस्याओं को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री भी छात्रों के संपर्क में हैं और आदिवासी विकास विभाग के साथ मिलकर मुद्दों के समाधान की दिशा में चर्चा की जा रही है।
कलेक्टर आयुष प्रसाद के मुताबिक, छात्रों की ओर से उठाए गए कई मुद्दों पर पहले ही निर्णय लिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक रुख अपना रही है और सभी मुद्दों को प्रभावी तरीके से हल करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आश्वासन दिया है।
#WATCH | Nashik, Maharashtra: Collector Ayush Prasad says, "The Minister has stated that he is in contact with the students and that continuous discussions are underway—including with the Tribal Development Department—to resolve these issues; indeed, decisions have already been… https://t.co/bJPzkPHQqV pic.twitter.com/hBkHCvdw9q
— ANI (@ANI) September 5, 2026
नासिक में आदिवासी छात्र कई तरह की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इनमें जनजातीय समुदाय के लिए बनाए गए आश्रम स्कूलों की हालत का मुद्दा भी शामिल था। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात कर स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया था, लेकिन मांगों के लिए संघर्ष जारी रखने को कहा था। उन्होंने छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन और शिक्षा में असमानता को अस्वीकार्य बताया था।
ईदगाह मैदान में 100 से अधिक छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि विवेक गावित, राहुल पावारा और लक्ष्मी जाधव अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों ने आश्रम स्कूलों में छात्रों की मौत के मामलों में मुआवजे, अधिकारियों के निलंबन और मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। ताजा भोजन, दान वसूली बंद करने, खेल अकादमी में भ्रष्टाचार की जांच और 10 लाख रुपये के बीमा कवर जैसी मांगें भी शामिल थीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने भी आंदोलन को समर्थन दिया था।