टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक बीपीओ इकाई से जुड़े उत्पीड़न मामले में छत्रपति संभाजीनगर से एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल को समन जारी किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि नासिक पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मामले से संबंधित कुछ तथ्यों की जांच की। वहीं, आरोपी निदा खान को कथित रूप से सहायता प्रदान करने के संबंध में मतीन पटेल को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें- एक्शन मोड में बंगाल CM: 2021 चुनाव में हुई हिंसा का भी हिसाब लेंगे शुभेंदु, कहा- हर हमले की कराएंगे जांच
इस मामले में बीते दिनों क्या हुआ?
इससे पहले 22 मई को नासिक पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ 1,500 पेज का प्रारंभिक आरोपपत्र नासिक रोड स्थित अतिरिक्त सत्र एवं विशेष न्यायालय में दाखिल किया था। यह उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों की जांच के बाद दाखिल किया गया पहला आरोपपत्र है, जो मूल रूप से नासिक के देवलाली पुलिस स्टेशन में दर्ज केस के मामले में किया गया। इसके अलावा मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में टीसीएस कर्मचारियों ने आठ अन्य एफआईआर भी दर्ज कराई। इनमें से फिलहाल केवल एक मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
यह भी पढ़ें- Twisha Sharma Case: एसजी बोले- ऐसी घटना से अच्छा, हो जाए तलाक; सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- निष्पक्ष जांच जरूरी
डिजिटल और तकनीकी सबूत भी बरामद
नासिक के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक की टीम की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि आरोपों की जांच कर रही एसआईटी ने पीड़िता के जबरन धर्म परिवर्तन से संबंधित सबूत जुटाए हैं, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। पुलिस ने आरोपियों द्वारा पीड़िता का नाम और पहचान बदलने के लिए इस्तेमाल किए गए मूल दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं। इसके अलावा पीड़िता और आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट के रूप में डिजिटल और तकनीकी सबूत भी बरामद किए हैं। आरोपपत्र में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और एआईएमआईएम नेता मतीन पटेल को आरोपी बनाया गया है। इनमें से किसी को भी जमानत नहीं मिली है।