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महाराष्ट्र: अशोक खरात की पत्नी को मिली अग्रिम जमानत, जमीन सौदे में धोखाधड़ी और काला जादू का मामला

Tue, 23 Jun 2026 11:14 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, मुंबई।

सार

नासिक की अदालत ने जमीन सौदे में कथित धोखाधड़ी और काला जादू के मामले में अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात को राहत दी है। अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केदार जोगलेकर ने कहा,यह पूरी तरह से एक दीवानी लेन-देन का मामला है, जिसे आपराधिक मामला बना दिया गया है। पूरा मामला क्या है, पढ़िए रिपोर्ट-
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कोर्ट का आदेश - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र के नासिक की एक अदालत ने जमीन के सौदे से जुड़े कथित धोखाधड़ी और काला जादू मामले में स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात को अग्रिम जमानत दी है। अदालत ने कहा कि यह एक दीवानी विवाद का मामला है, जिसे आपराधिक मामले का रूप दे दिया गया है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केदार जोगलेकर ने कल्पना खरात की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले को दर्ज कराने में दो दशक से अधिक की असामान्य देरी हुई है। 

अदालत ने अपने फैसले में क्या कहा?
  • अदालत ने कहा कि कथित लेन-देन वर्ष 2004 में हुआ था, जबकि प्राथमिकी (एफआईआर) सात अप्रैल 2026 को दर्ज की गई।
  • अपने आदेश में अदालत ने कहा कि कल्पना खरात किसी भी बातचीत, बैठक या जमीन के सौदे में शामिल नहीं थीं। 
  • उन्होंने विवादित कृषि भूमि का कभी दौरा नहीं किया, न ही शिकायतकर्ता या उसके भाइयों को कोई आश्वासन दिया, धमकी दी या किसी तरह का झूठा वादा किया।
  • अदालत ने कहा कि यह पूरी तरह से एक दीवानी लेन-देन का मामला है, जिसे आपराधिक मामला बना दिया गया है।
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क्या आरोप लगाए गए हैं?
यह मामला सिन्नर थाने में शिवराम एकनाथ माली की शिकायत पर अशोक और कल्पना खरात के खिलाफ दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक, माली और उनके परिवार के पास सिन्नर में 16.5 एकड़ जमीन थी, जिसे वे बेचना चाहते थे। वर्ष 2003 में उनकी मुलाकात अशोक खरात से हुई, जो जमीन की रजिस्ट्री का काम करते थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अशोक खरात ने परिवार को यह कहकर डराया कि जमीन पर स्थित कुएं में किसी ने आत्महत्या की थी और यदि जमीन तुरंत नहीं बेची गई तो शिकायतकर्ता के एक भाई की मौत हो सकती है। उन्होंने वहां मंदिर बनाने का भी वादा किया था।

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प्राथमिकी में क्या कहा गया है?
प्राथमिकी के अनुसार, नवंबर 2003 में अशोक खरात ने जमीन पर कुछ धार्मिक अनुष्ठान किए। इस दौरान उन्होंने मंत्रोच्चार किया और लाल कपड़े में ढंके चार बर्तन परिवार को दिए, जिन्हें 11 दिनों तक घर में रखने के लिए कहा गया। इसके बाद फरवरी 2004 में जमीन की बिक्री के पंजीकृत दस्तावेज तैयार किए गए। जमीन का एक हिस्सा अशोक खरात के नाम और दूसरा हिस्सा उनकी पत्नी कल्पना खरात के नाम 1.37 लाख रुपये में दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब परिवार ने बाद में कम कीमत मिलने पर विरोध किया, तो अशोक खरात ने उन्हें काला जादू करने की धमकी दी।
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कल्पना खरात की ओर से अदालत में कहा गया कि यह पूरी तरह से एक अनुबंध से जुड़ा मामला है। कथित धमकी या काला जादू से उनका कोई संबंध नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपों की प्रकृति ऐसी नहीं है कि कल्पना खरात से हिरासत में पूछताछ की जाए और उनसे कुछ जब्त किया जाए। इसके आधार पर अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी।

न्यायिक हिरासत में है अशोक खरात
अशोक खरात के खिलाफ नासिक और अहिल्यानगर जिलों में यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
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