भाजपा के समर्थन वाली नीतीश कुमार सरकार द्वारा बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने के बाद महाराष्ट्र में कांग्रेस ने इसी तरह का प्रस्ताव पारित करने की मांग की है।
कांग्रेस चाहती है कि सरकार महाराष्ट्र विधानसभा में इस तरह का प्रस्ताव पेश करे। इस मांग को लेकर पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीम खान ने गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की।
विधानभवन में पत्रकारों से बातचीत में खान ने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा सीएए, एनआरसी व एनपीआर का समर्थन कर रही है जबकि भाजपा के समर्थन वाली बिहार सरकार में इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। यह स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मेरी मुख्यमंत्री ठाकरे के साथ विस्तार से चर्चा हुई है।
मुख्यमंत्री ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि एनपीआर व एनआरसी की पहली सीढी है। जबकि सीएए संविधान सिद्धांतो के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि असम में एनआरसी के चलते हजारों लोगों की नागरिकता चली गई है जबकि वे वास्तव में इस देश के नागरिक हैं।
खान ने कहा कि एनआरपी 2010 में तय मानक के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मांग की है कि विधानमंडल के चालू बजट सत्र में ही इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया जाए।