जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल को कानून की सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए वैध तरीके से गिरफ्तार किया गया था। ईडी का कहना है कि गोयल जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसलिए उन्हें हिरासत में लेना भी जरूरी था। गोयल की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जवाब में ईडी ने हाईकोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे यह बात कही है। मामले में अब 12 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
गोयल ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया है और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है। गोयल ने उन्हें पहले ईडी और फिर न्यायिक हिरासत में भेजने के विशेष अदालत के फैसले को भी चुनौती दी है। जांच एजेंसी ने गोयल की याचिका कानूनी हिरासत से निकलने की चाल बताया है।
गौरतलब है कि ईडी ने गोयल को केनरा बैंक के साथ 538 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में एक सितंबर को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद हैं।