वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते हुए अग्रवाल ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में उनका विधायक पुत्र नितिन अग्रवाल भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट देंगे। इस दौरान मुकेश अग्रवाल, नितिन और मधु मिश्रा भी उपस्थित थे।
अग्रवाल ने इस दौरान सपा नेतृत्व पर खुल कर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीति करने वालों की हैसियत की तुलना फिल्मों में काम करने वाली से की गई। राष्ट्रीय पार्टी के माध्यम से पूरे देश की सेवा की इच्छा जताते हुए अग्रवाल ने पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र की सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उससे सभी को पीएम के नेतृत्व में साथ आना चाहिए।
अग्रवाल ने कहा कि सपा को धीरे धीरे खत्म किया जा रहा है। यहां निष्ठावान नेता-कार्यकर्ता की जरूरत नहीं रह गई है। उन्होंने पार्टी में शामिल होने के लिए किसी भी तरह की शर्त रखने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देंगे, वह पूरी ईमानदारी से उसे निभाएंगे।
कुछ पाने के लिए करना होगा इंतजार
नरेश ने ऐसे समय में भाजपा का दामन थामा है जब सरकार के स्तर पर उन्हें तत्काल उपकृत करने की संभावना निकट भविष्य में नहीं है। हालांकि पार्टी के केंद्रीय संगठन में कई पद खाली हैं। जिस प्रकार अग्रवाल ने राज्यसभा चुनाव में अपने विधायक पुत्र के भाजपा के पक्ष में वोट करने की घोषणा की है, उससे उत्तर प्रदेश में उनके पुत्र या खुद उनके लिए बेहतर संभावना तलाशे जाने की चर्चा है।
भाजपा सूत्रों ने माना कि सपा में अखिलेश बनाम शिवपाल शुरू हुई जंग के दौरान से ही वह पार्टी नेतृत्व के संपर्क में थे। अग्रवाल के राजनीतिक कैरियर की शुरुआत बतौर कांग्रेस विधायक हुई। वर्ष 1997 में कांग्रेस को तोड़ कर लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी बनाई। फिर सपा में शामिल हुए। यूपी में ऊर्जा, पर्यटन, परिवहन मंत्री का जिम्मा संभालने के बाद वर्ष 2012 में सपा ने उन्हें उच्च सदन भेजा।