मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि साल 2014 के आम चुनाव में नरेंद्र मोदी मोदी के चुनाव प्रचान के लिए बीफ निर्यातकों ने पैसे दिए थे। एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी 2014 के चुनाव के पहले पिंक रिवोल्यूशन (गुलाबी क्रांति) की बात करते थे। मोदी का इशारा बीफ निर्यातकों की ओर था।
कांग्रेस के पूर्व महासचिव ने कहा, "साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी जी अपने संबंधनों में मित्रों कहते थे। यह वे अपने हिंदू मित्रों के लिए कहते थे जो बीफ निर्यात करते हैं। इन्हीं मित्रों ने भाजपा के चुनावी अभियान के लिए धनराशि दी। भाजपा के शासनकाल में बीफ का निर्यात बढ़ गया है।"
इंटरव्यू में जब दिग्विजय सिंह से अपने दावे के समर्थन में सबूत मांगा गया तो उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हर पार्टी के दान दाताओं का नाम देखा जा सकता है।
सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया कि, 'कथित गौरक्षक कानून हाथ में ले रहे हैं। वे पशु व्यापारियों से पैसे लेते हैं और मासूम लोगों की पीट-पीट कर हत्या करते हैं।'
दिग्विजय सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। उन्होंने कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी की पदयात्रा की थी और प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार को जनता के सामने उजागर किया। लेकिन आलोचकों ने इस पूरी कवयाद को छवि सुधारने की दिशा में उठाया कदम करार दिया। राहुल गांधी, कमलनाथ और खुद के बीच जी में किसी भी मतभेद की बात को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वे सार्वजनिक तौर पर पहले भी कह चुके हैं कि वो मुख्यमंत्री पद की रेस से बाहर है।
राहुल गांधी के राजनीतिक गुरू कहे जाने वाले दिग्विजय सिंह को एक चौंकानेवाले घटनाक्रम में राहुल गांधी ने सभी अहम फैसला लेने वाली संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी से बाहर कर दिया है। वहीं कमलनाथ को मध्य प्रदेश कांग्रेस वर्किंग कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है और ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव प्रचार की कमान थमाई गई है। कांग्रेस आलाकमन को यह उम्मीद है कि पार्टी 15 सालों के बाद सत्ता में फिर लौटेगी।