संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को नसीहत दी है कि वे सत्र के दौरान संसद में मौजूद रहें। साथ ही उन्होंने मंत्रियों को गलतबयानी से भी बचने को भी कहा है। पीएम ने मंत्रियों से कहा है कि जिन विषयों पर उनका अधिकार है केवल उन्हीं पर मीडिया में बोलें।
मंत्रियों को उन्होंने पार्टी का चुनाव घोषणापत्र पढ़ने और उसके अनुरूप कार्य करने को कहा है। मंत्रिपरिषद की बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों से कहा है कि वे सरकार के कामकाज के साथ अपने क्षेत्र में भी लगातार संपर्क बनाए रखें।
सूत्र बताते हैं कि बृहस्पतिवार शाम हुई मंत्रिपरिषद की बैठक अन्य बैठकों से अलग रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की। करीब 4 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में 113 पेज की रिपोर्ट के जरिए सभी विभागों के कामकाज का ब्योरा सामने रखा गया।
बैठक का मूल मकसद, दो साल के शासन के बाद सरकार कहां खड़ी है, इसका वास्तविक आकलन करना था। रिपोर्ट के अनुसार 2014—15 के बजट की राशि सभी मंत्रालयों ने खर्च कर दी है। तो 2015—16 बजट की रकम कई मंत्रालयों में खर्च होना अभी बाकी है। पीएम ने बजट के इन रुपयों को जल्द खर्च करने के निर्देश दिए हैं।