प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट प्रस्ताव फाड़ने वाले लोगों को संविधान बचाने की शिक्षा लेना बहुत जरूरी
कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया हो और उस प्रस्ताव को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़ देने वाले लोगों को संविधान बचाने की शिक्षा लेना बहुत जरूरी है। जिन्होंने लोगों से जीने का कानून छीनने की बात कही थी, उन्हें बार-बार संविधान बोलना भी पड़ेगा, पढ़ना भी पड़ेगा। जो लोग सबसे ज्यादा बार संविधान को बदलने का प्रस्ताव लाए हैं, उन्हें संविधान बचाने की बात करनी ही पड़ेगी।
खूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं: लोकसभा में पीएम का शायराना अंदाज
एक शायर ने कहा था- खूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं, साहब छुपते भी नहीं, सामने आते भी नहीं। पब्लिक सब जानती है। पिछले दिनों जो वक्तव्य दिए गए, उनका जिक्र सदन में करना उपयुक्त नहीं है। सदन के बड़े-बड़े लोग भी वहां जाते हैं, ये ठीक नहीं हैं।
6 महीने ऐसी मेहनत करूंगा की मेरी पीठ को हर डंडा सहने की ताकत मिले: पीएम
मैंने कांग्रेस के एक नेता का कल वक्तव्य सुना कि 6 महीने में मोदी को डंडे मारेंगे। ये काम थोड़ा कठिन है, तो तैयारी में 6 महीने लगते ही हैं। मैंने भी तय किया है कि 6 महीने में सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा। 20 साल से मैंने जिस प्रकार से गंदी गाली सुनकर खुद को गालीप्रूफ बना दिया है तो, 6 महीने ऐसी मेहनत करूंगा की मेरी पीठ को हर डंडा सहने की ताकत मिले। पीएम ने तंज कसते हुए कहा कि मैं 40 मिनट से बोल रहा हूं, लगता है अब जाकर करंट दौड़ा है। ऐसी कई ट्यूबलाइट हैं।
गांधीजी आपके लिए ट्रेलर हो सकते हैं, हमारे लिए जिंदगी हैं: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए कांग्रेस के नेता अधीर रंजन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गांधीजी आपके लिए ट्रेलर हो सकते हैं, हमारे लिए जिंदगी हैं।
पीएम ने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता सुनाई
एक स्वर ये उठा है कि सरकार को सारे कामों की जल्दी क्यों है? हम सारे काम एक साथ क्यों कर रहे हैं? सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी ने अपनी कविता में लिखा है कि- लीक पर वे चलें, जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं, हमें तो जो हमारी यात्रा से बने, ऐसे अनिर्मित पथ ही प्यारे हैं।
आपके रास्ते पर चलता तो 370, तीन तलाक और राम मंदिर पर फैसला नहीं होता
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हम भी आप लोगों के रास्ते पर चलते, तो शायद 70 साल के बाद भी इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता, आपके ही तौर तरीके से चलते, तो मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती। आपकी ही सोच के साथ चलते तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती। आपकी ही सोच अगर होती, तो करतापुर साहिब कोरिडोर कभी नहीं बन पाता। आपके ही के तरीके होते, आपका ही रास्ता होता, तो भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता।