आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ''असंवैधानिक तरीकों'' के जरिए मीडिया को चुप कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने राफेल मामले में 'द हिंदू' अखबार के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून (ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट) के तहत कार्रवाई करने की केंद्र की धमकी की आलोचना की।
सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी कर लिए गए हैं और इस पर आधारित लेख छापने के लिए अखबार के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी गई।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ''राफेल सौदे की कथित अनियमितताओं को लेकर 'द हिंदू' अखबार और (संपादक) एन. राम द्वारा प्रकाशित सामग्री पर अपनी गलती स्वीकारने के बजाय मोदी सरकार असंवैधानिक तरीके अपनाकर डर का माहौल पैदा कर रही है और मीडिया को चुप कराने की कोशिश कर रही है। यह लोकतंत्र के चरमराने की आसन्न आशंका के संकेत हैं।''
उन्होंने दावा किया, ''उच्चतम न्यायालय का दुरुपयोग करने, राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने, देश के सभी महत्वपूर्ण संस्थानों को नष्ट करने के बाद 'द हिंदू' और श्री एन. राम के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून के तहत मामले दर्ज करने की मोदी सरकार की धमकी भारत के संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आजादी के लिए एक गंभीर खतरा है।''
अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को बताया था कि जिन लोगों ने राफेल सौदे से संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है, वे इस कानून के तहत और अदालत की अवमानना के दोषी हैं।
केंद्र के इस कदम से विचलित हुए बगैर हिंदू प्रकाशन समूह के अध्यक्ष एन. राम ने कहा कि जिन विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली उनके बारे में अखबार कोई जानकारी नहीं देगा।