नरेंद्र मोदी सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में और राहत देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत जीएसटी के स्लैब कम किए जा सकते हैं। इस बात की संभावना है कि निकट भविष्य में 12 और 18 फीसदी की दरों को मिलाकर एक कर दिया जाए।
केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस साल 1 जुलाई से लागू किए गए जीएसटी में अगले छह से नौ महीनों के अंदर स्थिरता आ जाएगी और इसके बाद यह टैक्स प्रणाली दूसरे देशों के लिए ‘मॉडल’ का काम करेगी।
जीएसटी में स्थिरता आने के बाद 12 और 18 फीसदी के स्लैब को मिलाकर एक किया जा सकता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि आने वाले समय में जीएसटी में दरों की संख्या कम होगी। लेकिन जीएसटी में सिर्फ एक स्लैब की कल्पना बेमानी है क्योंकि इसे हासिल करना काफी कठिन है।
दूर की जाएंगी रिटर्न फाइलिंग की परेशानी
हैदराबाद के एक संस्थान में व्याख्यान देने आए सुब्रह्मण्यम ने यह स्वीकार किया कि जीएसटी रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया में कुछ तकनीकी दिक्क्तें आई थीं। नया सिस्टम थोड़ा जटिल है क्योंकि राज्यों ने अलग-अलग आईटी सिस्टम अपना रखा है।
तकनीकी परेशानी आने से हम हैरान नहीं है लेकिन यह जरूर है कि इस समस्या को बेहतर तरीके से हल किया जा सकता था। अब जीएसटी काउंसिल इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रही है।
गारमेंट निर्यात बढ़ाने के उपाय
केंद्र सरकार ने क्रिसमस और नए साल पर गारमेंट निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की है। इसके तहत जीएसटी लागू होने के बाद रेडीमेड गारमेंट और मेड अप्स पर राज्य स्तरीय टैक्स पर छूट की नई दरों का एलान किया गया है।
कॉटन गारमेंट पर यह दर अधिकतम 1.70 फीसदी, मैन मेड फाइबर, सिल्क और वुलेन पर 1.25 फीसदी और मिश्रित अपैरल पर 1.48 फीसदी होगी।
कपड़ा मंत्रालय ने कहा है कि इन दरों का निर्धारण निर्यात और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। मालूम हो कि अक्तूबर में रेडीमेड निर्यात में 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
ईरानी ने किया ट्वीट
निर्यात प्रोत्साहन स्कीम में दोगुनी हुई दर
सरकार ने निर्यात प्रोत्साहन की मर्केंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया (एमईआईएस) स्कीम के तहत रेडीमेड और मेड अप्स पर राज्य स्तरीय करों की वापसी की दर को दो फीसदी से बढ़ाकर चार फीसदी करने की घोषणा की है। गारमेंट निर्यातकों के संगठन एईपीसी ने इसका स्वागत करते हुए कहा है कि क्रिसमस के त्योहार के समय इससे विदेश के ऑर्डर समय से पूरा करने में मदद मिलेगी।
ईरानी ने किया ट्वीट
सरकार की इन घोषणाओं पर कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया कि नई दरें 1 अक्तूबर, 2017 से लागू होंगी। जीएसटी के बाद राज्य स्तरीय करों में छूट की नई दरों और एमईआईएस स्कीम में दरों में बढ़ोतरी से गारमेंट और मेड अप्स के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।