प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में उपसभापति चुनाव जीतने के बाद एनडीए उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह को बधाई दी थी। इस दौरान उन्होंने यूपीए के उम्मीदवार को लेकर एक टिप्पणी की थी। जिसे कि अब राज्यसभा की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है। मोदी ने हरिवंश को बधाई देने के बाद यह टिप्पणी की थी।
हरिवंश को बधाई देने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, 'सिंह कलम के धनी हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्र शेखर जी के प्रिय रहे हैं। अब हम सभी हरि भरोसे हैं। इसके बाद उन्होंने हरिप्रसाद पर टिप्पणी की जिसे कि अब हटा लिया गया है। इसके साथ बीके हरिप्रसाद का नाम लेकर बयान दिया।
राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने पीएम की टिप्पणी पर ऐतराज जताया था और सभापति
वेंकैया नायडू से इसे कार्यवाही से हटाने की मांग की थी। उन्होंने पीएम की टिप्पणी के खिलाफ प्वाइंट ऑफ ऑर्डर भी उठाया था। उनका कहना था कि यह टिप्पणी आपत्तिजनक और गलत मंशा से की गई थी। सभापति की ओर से उन्हें इस पर विचार करने का आश्वासन मिला था।
सभापति के निर्देशानुसार पीएम के वक्तव्य के इस हिस्से को हटा दिया गया है। शुक्रवार को सचिवालय ने इसकी जानकारी दी। झा ने दावा करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाना पड़ा हो। हालांकि उन्होंने सभापति के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है।