नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार इसी हफ्ते होने के आसार हैं। जनता दल (यू) के एनडीए में शामिल होने के साथ ही मोदी मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन की चर्चाएं शुरू हो गई है। सूत्रों की माने तो बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने तमिलनाडु का दौरा टाल दिया है।
माना जा रहा है कि इस विस्तार में जेडीयू और एआईएडीएमके नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। गौरतलब है कि हाल ही में नीतीश कुमार की जेडीयू ने फिर से बीजेपी के साथ नाता जोड़ते हुए बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने की घोषणा की है। सूत्रों का यहां तक कहना है कि इस विस्तार में दो-दो जेडीयू और एआईएडीएमके से मंत्री बनाए जा सकते हैं।
मंत्रिपरिषद में फेरबदल का उत्तर प्रदेश में भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पुनर्गठन में मोदी कैबिनेट में प्रदेश के कुछ नए चेहरों को भी जगह मिल सकती है तो कुछ मौजूदा चेहरों की नई भूमिका तय करते हुए मंत्रिपरिषद से हटाया जा सकता है। कुछ के मंत्रालय में फेरबदल की भी चर्चा है।
दरअसल, मंत्रिपरिषद में इस समय तीन स्थान रिक्त हैं। वेंकैया नायडू उप राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। रक्षा मंत्री मनोहर परिकर गोवा के मुख्यमंत्री हो चुके हैं। अनिल माधव दवे का पिछले दिनों निधन हो गया था।
फिलहाल इन मंत्रालयों की जिम्मेदारी दूसरे मंत्रियों को अतिरिक्त रूप से सौंपकर काम कराया जा रहा है। पर, अब जब लोकसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ने में लगभग 16 ही महीने बचे हैं तो माना जा रहा है कि चुनाव के मद्देनजर भी समीकरण दुरुस्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कैबिनेट का पुनर्गठन करेंगे।
मोदी कैबिनेट से यूपी से जुड़़े दो या तीन मंत्रियों को हटाकर उन्हें दूसरी भूमिका सौंपने की खबरें हैं। इनमें एक ब्राह्मण और दो पिछड़े वर्ग के हैं।
सूत्रों के मुताबिक, फेरबदल में मनोज सिन्हा का कद बढ़ाया जा सकता है। वह स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री भी बनाए जा सकते हैं। वैसे भी सिन्हा प्रधानमंत्री के नजदीकी लोगों में माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव के बाद वह यूपी के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में भी काफी गंभीरता से शामिल थे।