साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही पीएम मोदी ने सरकार के कामकाज में तकनीकी का प्रयोग करने पर बल दिया। उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान की शुरुआत की, जोकि सभी को शामिल करने के लिए चलाए गए अभियान के रूप में सामने आया।
सरकार की योजनाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाए और लोगों को इसका लाभ हो उसके लिए उन्होंने आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया और तकनीकी की ताकत के माध्यम से ही लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया।
प्रधानमंत्री ने तकनीकी पर आधारित एकदम अलग अभियान प्रगति को शुरु किया जोकि बहु-उद्देश्यीय और मल्टी-नोडल मंच है जहां पर प्रोजेक्टों को मॉनीटर किया जाता है और लोगों के आड़े आने वाली समस्याओं की पहचान की जाती है। हर महीने के अंतिम बुधवार को प्रधानमंत्री खुद शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकर प्रगति सेशन्स को लेकर चर्चा करते हैं कि हर सेक्टर में व्याप्त रेंज की ग्राउंड रिपोर्ट लेते हैं। इसने बहुत ही सकारात्मक अंतर पैदा कर दिया है।
भारत सरकार अपनी तकनीकी का उपयोग बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को प्रदान करने के लिए कर रही है। करोड़ों भारतीय किसानों को कृषि से सम्बन्धित सूचना को एसएमएस के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। कैबिनेट ने एग्री-टेक इंफ्रास्ट्रक्टर फंड के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि बाजार को प्रोमोट करने के लिए योजना को क्लियरेंस दी। पूरे देश में रेगुलेटेड मार्केट्स एक कॉमन प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किए जाने की योजना बनाई जिससे किसान और व्यापारियों को काफी फायदा हुआ। कृषि उत्पादों की बिक्री और खरीद में भी पारदर्शिता आई और उन्हें उचित दाम में व्यापार करने का मौका मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोगों से सरकार को जोड़ने के लिए माईगव एप लांच किया। यह एक ऐसा पोर्टल जो कि इंटरनेट की सहायता से देश के नागरिकों को सुशासन और नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण हिस्सा बनाता है।
यही नहीं माईगव पर बहुत से मंत्रालयों और विभागों को जोड़ा गया है और इसपर लोगों से उनकी राय मांगी जाती है और उसी के अनुरूप काम करने की कोशिश की जाती है और सरकार देश की जनता की सुविधा के अनुरूप योजनाएं तैयार करती है। लोगों को एप से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री भी खुद कई बार माईगव का प्रयोग करते हैं और उन्हीं बातों का उल्लेख वो अपने मासिक कार्यक्रम “मन की बात” और अपने कई भाषणों में करते रहे हैं।
यह तकनीकी के प्रति मोदी जी का प्रेम ही था कि जब वह 2015 में अमेरिका दौरे पर थे तो वह न केवल सिलिकन वैली में दुनिया की मशहूर कंपनियों का दौरा किया साथ ही उन कंपनियों के सीईओ से भी मिले। गूगल, फेसबुक से लेकर स्टार्ट-अप के जुड़े उद्यमियों से मुलाकात की और डिजिटल दुनिया में वह किस तरह का प्रयोग कर रहे हैं उसकी जानकारी भी हासिल की।
यही नहीं जब वह टेस्ला मोटर्स के मालिक इलोन मस्क के साथ बात कर रहे थे तभी बातचीत में मस्क ने उन्हें बताया कि किस तरह से तकनीकी का प्रयोग हम विकास के लिए कर सकते हैं और खास तौर से ग्रामीण इलाकों और कृषि के लिए कैसे तकनीक का उपयोग कर सकते हैं। यही वजह है कि मोदी माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से खास मुलाकात की। और वह जब भी विदेशी दौरे पर होते हैं वह हर बार तकनीकी सहयोग पर विचार-विमर्श करते हैं। भारत-अफ्रीका समिट के दौरान प्रधानमंत्री ने इस तरह के माध्यमों की एक लंबी सूची बताई जोकि भारत और अफ्रीका को तकनीकी के क्षेत्र में काफी अधिक मदद कर सकते हैं।
उनका खुद की एक मोबाइल एप है जिसका नाम ‘नरेन्द्र मोदी मोबाइल एप’ है जोकि एप्पल और एंड्रॉयड फोनों पर उपलब्ध होती है। एप के माध्यम से आप लेटेस्ट न्यूज प्राप्त कर सकते हैं, न्यूज अपडेट प्राप्त कर सकते हैं और मोदी जी के साथ जुड़ सकते हैं। वो डिजिटल हाई-वे के माध्यम से भी देश को जोड़ने के लिए काम कर रहे हैं ताकि देश के नागरिकों का सशक्तिकरण किया जा सके।
(साभार- नरेंद्र मोदी.इन)