फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी सरकार में कितनी नौकरियां पैदा हुईं, पीएम ने मंत्रालयों से हिसाब लगाने को कहा

Tue, 08 May 2018 03:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी टीम से यह पता करने को कहा है कि उनके चार सालों के शासन के दौरान  कितनी नौकरियां पैदा हुई हैं। इसका जवाब साल 2019 के आम चुनाव के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण है। जानकारों ने बताया कि मंत्रालयों से कहा गया है कि वह एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें जिससे यह पता चल सके कि मंत्रालयों द्वारा चलाए गए प्रोजेक्ट और कार्यक्रमों से कितने लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। 

विज्ञापन


मंत्रालयों से कहा गया है कि वह यह भी बताएं कि जीडीपी को बढ़ाने पर उनके विभिन्न कार्यक्रमों का क्या असर था। सरकार के रिपोर्ट कार्ड में नौकरियों पर ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य पीएम मोदी के बारे में बन गई उसे धारणा को तोड़ना है कि वह हर साल एक करोड़ नौकरियां पैदा करने के अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रहे हैं। 

विपक्ष का कहना है कि सरकार अपने 2014 के वादे के मुताबिक सालाना एक करोड़ नौकरियां पैदा करने में नाकाम रही है। यह आंकड़ें बहुत अहम हैं, अगर वह अपने 2014 के चुनावी प्रदर्शन को दोहराना चाहते हैं, जब वे तीन दशकों में सबसे बड़े चुनावी जनादेश के साथ सत्ता में आए थे। 
विज्ञापन


नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर 26 मई को चार साल पूरे कर लेंगे और राज्यों के विधानसभा चुनावों में उन्हें मिले-जुले परिणाम देखने को मिले हैं। भाजपा की अगली बड़ी परीक्षा 12 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव हैं। भले ही मोदी की लोकप्रियता कुछ वर्ग के मतदाताओं में कम हुई हो लेकिन वे निवेशकों के पसंदीदा हैं। 2019 में एक बंटा हुआ जनादेश विदेशी निवेशकों को भारत में पैसा लगाने से चौकन्ना कर सकता है, खासकर जब अन्य देशों में ब्याज दरें बढ़ रही हैं। 

हालांकि सरकार 'मेक इन इंडिया' योजना लेकर आई जिससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने में मदद मिली है, लेकिन इससे कितनी नौकरियां पैदा हुईं इस बारे में कोई आधिकारिक आंकड़ा मौजूद नहीं है। 

नोटबंदी से पहले दुनिया में तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था में गिरावट की आशंका व्यक्त की गई है। 31 मार्च 2018 को खत्म हुए वित्त वर्ष में विकास दर पिछले चार साल में सबसे निचले स्तर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। अर्थव्यवस्था के अच्छे समय के दौरान भी बेरोजगारी दर बहुत ज्यादा बनी रही। जिससे मोदी के विरोधियों को यह कहना पड़ा कि 2.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बिना रोजगार पैदा किए ही बढ़ रही थी। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें