सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं के कथित तौर पर पैसे लेते हुए स्टिंग ऑपरेशन के मामले में प्रिलिमनरी इनक्वायरी (पीई) दर्ज कर ली है। यह कदम पिछले हफ्ते कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर उठाया गया है। इस पीई के बाद ममता सरकार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
गौरतलब है कि स्टिंग टेप में पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के मंत्री सुब्रत बनर्जी, सोवन चटर्जी, फिरहाद हाकिम, मदन मित्रा, तृणमूल सांसद मुकुल रॉय, सुल्तान अहमद, काकोली घोष दस्तीदार, दो विधायक और एक आईपीएस अधिकारी आरोपी हैं।
यह मामला पिछले कई दिनों से राज्य और केंद्र की राजनीति में गरमाया हुआ है। टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे राजनीतिक साजिश बता रही हैं। ममता ने कहा है कि वह इस मामले के खिलाफ सड़क और अदालत में लडे़ंगी।
टीएमसी मंगलवार को हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने वाली है। सीबीआई इस पीई के आधार पर मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाएगी। एजेंसी के मुताबिक इस शुरुआती जांच में आरोपियों के खिलाफ अगर ठोस सबूत हाथ लगे तो इस पीई के रेगुलर केस (आरसी) यानी एफआईआर में तब्दील कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक सीबीआई को इस पीई की जांच 72 घंटे यानी तीन दिन में पूरी कर देनी है। एजेंसी ने स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए कैमरे और अन्य तकनीकी यंत्रों को भी अपने कब्जे में ले लिया है।