केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से नारद स्टिंग मामले में तीन मौजूदा सांसदों और एक पूर्व सांसद के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की स्वीकृति मांगी है।
सीबीआई ने लोकसभा अध्यक्ष से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन मौजूदा सांसदों सौगत राय, प्रसून बनर्जी, काकोली घोष दस्तीदार और टीएमसी के ही एक पूर्व सांसद सुवेंदु अधकारी के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी है।
48 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में तामलुक लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद हैं और अभी वह राज्य सरकार में परिवहन मंत्री हैं। 73 वर्षीय रॉय दम दम से सांसद हैं वहीं घोष (59) बारासात क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रसून बनर्जी (64) हावड़ा से सांसद हैं।
अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने लोकसभाध्यक्ष से अनुरोध किया है कि वह इन नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दें। सूत्रों ने कहा कि अगर मंजूरी दी जाती है तो चारों नेताओं के नाम एजेंसी द्वारा आरोप पत्र में रखे जा सकते हैं।
नारद स्टिंग मामले में जांच के सिलसिले में सीबीआई ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता मुकुल रॉय से भी पूछताछ की।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नारद न्यूज के सीईओ मैथ्यू सैमुएल ने एक स्टिंग किया था। इसमें तृणमूल कांग्रेस के सांसदों, मंत्रियों और कोलकाता नगर निगम के मेयर को काम कराने के एवज में पैसा लेते हुए दिखाया गया था।
उस वक्त मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थे। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई को जांच सौंपी गई थी। सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस के 12 शीर्ष नेताओं तथा एक आईपीएस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इन नेताओं में सांसद और पश्चिम बंगाल के मंत्री भी शामिल थे। इस सिलसिले में रिश्वत और आपराधिक कदाचार से निपटने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के विरोध को दरकिनार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था जिसमें सीबीआई से नारद स्टिंग मामले की जांच करने को कहा गया था। इस मामले में पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कई नेता कथित तौर पर पैसे लेते हुए कैमरे में कैद किए गए थे।