राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने शनिवार को शाहीन बाग में सड़क बंद करने को इस्लाम विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि लोगों का रास्ता रोक कर अत्याचार करना इस्लाम के खिलाफ है। और रसूल के भी। इस अपराध और पाप से बचना चाहिए। रास्ता रोकना प्रतीकात्मक है कि इस्लाम हिंसक है...दूसरों पर जुल्म का रास्ता है।
इंद्रेश ने प्रदर्शनकारियों से निपटने में केंद्र सरकार के धैर्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार को देखिए, यह उसकी भलमनसाहत है कि दो महीनों के अवरोध के बावजूद उसने कोई कार्रवाई नहीं की। शाहीन बाग को भी थोड़ी मानवीयता दिखानी चाहिए क्योंकि इस्लाम किसी को दुख देने की वकालत नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि वह शाहीन बाग के सभी प्रदर्शनकारियों से कहना चाहते हैं कि वे नागरिकता संशोधन कानून के अमल पर राजी हों। वह जामिया, जेएनयू और अन्य जगहों पर गए। ये लोग एनआरसी को लेकर भयभीत हैं, ऐसे में इनसे वह कहना चाहते हैं कि वे सीएए का विरोध छोड़ें और एनआसी पर चर्चा करें।
संघ नेता ने कहा कि सभी को बोलने की आजादी है लेकिन दूसरों को कष्ट पहुंचाना गलत है। शाहीन बाग के लोगों को समझना चाहिए कि सीएए और एनआरसी दो अलग-अलग चीजें हैं। सीएए पीड़ित लोगों को सम्मानजनक जिंदगी गुजारने के लिए है।