नेता जी सुभाष चंद्र बोस के द्वारा देश की पहली अस्थाई सरकार बनाने की 75वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने रविवार को लालकिले पर तिरंगा झंडा फहराया। वहीं कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इसे पीएम का एक और चुनावी स्टंट बताया और कहा कि अगर वे सुभाष चंद्र बोस का सम्मान करना चाहते हैं तो उन्हें अंडमान निकोबार द्वीप समूह का नाम नेता जी के नाम पर कर देना चाहिए जिसे उन्होंने जापान से आजाद कराया था।
कांग्रेस के शीर्ष नेता राशिद अल्वी ने अमर उजाला से कहा कि आज बोस का सम्मान करने का ‘नाटक’ करने वाले लोग वही हैं जो आजादी के दौरान उनका विरोध कर रहे थे। उनके मुताबिक हिन्दू महासभा ने आजादी के दौरान सुभाष चंद्र बोस का विरोध किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज सुभाष चंद्र बोस की याद महज इसलिए आ रही है क्योंकि चुनाव नजदीक आ गये हैं।
उन्होंने कहा कि सत्ता के साढ़े चार साल तक उन्हें सुभाष बाबू की याद नहीं आई थी। अगर पीएम मोदी सुभाष चंद्र को असली सम्मान देना चाहते हैं तो उन्हें अंडमान निकोबार द्वीप समूह का नाम नेता जी के नाम पर कर देना चाहिए जो उनकी राजनीतिक सफलता की पहचान है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या नेता जी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में बदल देना चाहिए अंडमान निकोबार का नाम?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,349 वोट मिले। इनमें 76.11 फीसदी (3,310 वोट) पाठकों ने माना कि अंडमान निकोबार का नाम नेता जी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में बदल देना चाहिए, जबकि 23.89 फीसदी (1039 वोट) पाठकों ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में अंडमान निकोबार का नाम बदलने के सवाल पर असहमति जताई है।