फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिकंजा: नंबी नारायणन को इसरो की जासूसी में फंसाने वालों पर सीबीआई एफआईआर

Tue, 04 May 2021 03:35 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

  • केरल पुलिस अफसरों के खिलाफ चलेगा मुकदमा
विज्ञापन
नांबी नारायणन - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वैज्ञानिक नंबी नारायणन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की जासूसी मामले में फंसाने के आरोप में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने केरल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब इन पर यह एफआईआर सुप्रीम कोर्ट के 15 अप्रैल को दिए गए आदेश के आधार पर दर्ज की गई है।

विज्ञापन


अदालत ने इस मामले में नंबी के खिलाफ लगे फर्जी आरोप, उसकी  साजिश और इसमें संलिप्त पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए गृह मंत्रालय द्वारा गठित आयोग की रिपोर्ट भी सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है।

जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा, रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में कानून के मुताबिक आगे बढ़ने को कहा था। इसी आधार पर हमने एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन


सीबीआई ने हालांकि, एफआईआर में आरोपियों के नाम बताने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस एफआईआर में केरल पुलिस के कई पूर्व अधिकारियों के नाम हैं। 1994 के इस मामले में 79 वर्षीय इसरो के वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने अदालत में जासूसी के गलत आरोप के खिलाफ इंसाफ की गुहार लगाई थी।

इससे पहले सीबीआई ने ही इस मामले की अंतिम जांच रिपोर्ट केरल के एर्णाकुलम अदालत को सौंपी थी। एजेंसी को इस जांच में नंबी केखिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला था।

2018 में इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस के इस हरकत से नंबी नारायणन की आजादी और सम्मान समेत मानवाधिकार के आधारभूत अधिकार का उल्लंघन हुआ है। यह किसी बड़े मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं। अदालत ने नंबी को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए उन्हें 50 लाख रुपया मुआवजा देने का आदेश भी दिया था।

पाकिस्तान को दी जानी थी रॉकेट इंजन की गोपनीय डिजाइन
दरअसल, केरल पुलिस ने 1994 में मालदीव की राशिदा नाम की महिला को तिरुवनंतपुरम से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, राशिदा ने इसरो के रॉकेट इंजन के गोपनीय डिजाइन हासिल कर ली थी, जिसे पाकिस्तान को सौंपा जाना था। केरल पुलिस ने इस आधार पर दो मुकदमे दर्ज किए।

इस आधार पर इसरो के तत्कालीन क्रायोजेनिक प्रोजेक्ट के निदेशक नंबी नारायण, इसरो के उप निदेशक डी शशिकुमारन को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में राशिदा की दोस्त फौजिया हसन नाम की एक और मालदीव की महिला को गिरफ्तार किया। बाद में सीबीआई ने पाया कि यह सभी आरोप गलत थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें