द्विपक्षीय वार्ता के दौरान आतंकवाद, कश्मीर और भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप के रुख पर दुनिया की निगाहें हैं। दौरे से पूर्व व्हाइट हाउस ने कहा था कि ट्रंप भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर बात कर सकते हैं। आतंकवाद पर पाकिस्तान को कई बार खरी खरी सुनाने के बावजूद ट्रंप कश्मीर के मुद्दे पर भारत पाकिस्तान के बीच कई बार मध्यस्थता की पेशकश भी कर चुके हैं। हालांकि भारतीय पक्ष सीमा पार आतंकवाद पर पाकिस्तान को ट्रंप की ओर से नसीहत दिए जाने के लेकर आश्वस्त है।
भारत यात्रा से एक दिन पूर्व ट्रंप ने ट्वीट में कहा, ‘भारत में अपने बहुत सारे दोस्तों से मिलने के लिए बेताब हूं।’ इसके साथ उन्होंने एक फैन द्वारा हिंदी फिल्म बाहुबली पर बनाया वीडियो रीट्वीट किया। इसमें ट्रंप के चेहरे को बाहुबली के चेहरे पर सुपरइंपोज तकनीक से लगाया गया जिससे वह बाहुबली की तरह घुड़सवारी करते, युद्ध लड़ते और लोगों की मदद करते नजर आ रहे हैं।
पीएम मोदी ने रविवार को ट्वीट में लिखा ‘भारत पोटस (प्रेजीडेंट ऑफ द यूनाटेड स्टेट्स) डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत का इंतजार कर रहा है। यह सम्मान की बात है कि सोमवार को वह हमारे साथ होंगे, इसकी शुरुआत अहमदाबाद में ऐतिहासिक कार्यक्रम से होगी।’ उन्होंने गुजरात सीएम विजय रूपाणी के ट्वीट पर यह लिखा, जिसमें कहा गया था ‘पूरा गुजरात एक आवाज में बोल रहा है - नमस्ते ट्रंप।’
ट्रंप की यात्रा से भारतीय-अमेरिकियों ने भी कई अपेक्षाएं जताई हैं। कई इस आयोजन के गवाह बनने भारत पहुंच रहे हैं। 22 सितंबर के बाद केवल पांच महीने में विश्व के दो प्रमुख नेताओं द्वारा दूसरी बार एक मंच साझा करने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यूजर्सी से अहमदाबाद पहुंचे राहुल वालिया ने बताया कि वे नमस्ते ट्रंप को अनुभव करने आए हैं।
1997 से अमेरिका में रह रहे वालिया ने बताया कि पीएम मोदी की सत्ता में आने से भारतीय-अमेरिकी अमेरिका के निर्माण में ज्यादा योगदान देने लगे हैं, इस वजह से उनकी प्रतिष्ठा बढ़ी है। वाशिंगटन से आए जय कंसेरा ने कहा कि नमस्ते ट्रंप दो लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में रह रहे लोगों से जोड़ने वाला आयोजन है। जय हाउडी मोदी आयोजन में भी मौजूद थे, उन्होंने कहा कि भारत में नमस्ते ट्रंप को लेकर ज्यादा उत्साह है।