आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय, आरएसएस मुख्यालय के साथ-साथ मुंबई के मेयर के ऑफिस में बम की धमकी मिलने के बाद, मुंबई पुलिस और डॉग स्क्वाड ने बीएमसी ऑफिस की तलाशी ली और उसे सुरक्षित किया। बता दें कि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की बिल्डिंग को उड़ाने की धमकी भी मिली। मुंबई पुलिस और बम स्क्वाड मौके पर मौजूद हैं और तलाशी ली गई है।
महाराष्ट्र के तीन शहरों में बुधवार को कई प्रमुख स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इससे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां छानबीन में जुटी हैं। बताया जा रहा है कि धमकी भरे ईमेल में मुंबई की मेयर, पुणे महापालिका, नागपुर की अहम जगहों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। मिली जानकारी के मुताबिक, धमकी भरे ईमेल में आईईडी के इस्तेमाल का जिक्र है और कथित हमलों के लिए कुछ तारीखों और समय का भी जिक्र किया गया है।
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#WATCH | Mumbai | Following a bomb threat received at the Mumbai Mayor's office today, Mumbai Police personnel with the Dog squad searched and secured the BMC office
Along with the threat to the BMC office, a threat to blow up the National Stock Exchange (NSE) building was also… pic.twitter.com/qMODgI65uR
मुंबई की मेयर को मिले धमकी ईमेल में उनकी कार और केबिन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। एहतियात के तौर पर इमारत को खाली कराया गया। इसी ईमेल में मुख्यमंत्री कार्यालय, मेयर कार्यालय और बीएसई कार्यालय का भी जिक्र था। बीएसई कार्यालय में धमाके के साथ ईमेल में कहा गया है, 'हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को खत्म करना है'। अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद नगर निगम, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। धमकी भरा ईमेल भेजने वाले का पता लगाने की कोशिश जारी है।
वहीं, नागपुर पुलिस को एक ईमेल आया, जिसमें संघ मुख्यालय और पुणे के महापालिका कार्यालय को उड़ाने की चेतावनी दी गई। संघ मुख्यालय को उड़ाने की चेतावनी देते हुए ईमेल में कहा गया, 'आरएसएस जो आज भाजपा है, तब 1984 के 'ऑपरेशन ब्लूस्टार' का समर्थन किया था'।
यह ईमेल नागपुर पुलिस को सुबह करीब 10 बजे मिला, जिसके बाद नागपुर पुलिस के बीडीडीएस (बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड) टीम संघ मुख्यालय में 11 बजे पहुंची और तकरीबन दो घंटे तक छानबीन की। अधिकारियों ने बताया कि जांच में कुछ भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।