नगांव सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव में दिसपुर सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इस कारण उपचुनाव का परिणाम असम की बदली राजनीतिक तस्वीर में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतगणना नौ अक्तूबर को होगी।
असम की नगांव लोकसभा सीट पर मंगलवार को हो रहे उपचुनाव में मतदाताओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के बाद से ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी हैं। मोरीकोलोंग समेत कई केंद्रों से मतदाताओं के कतार में खड़े होने की तस्वीरें सामने आई हैं। मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा। मतदान के दौरान फिलहाल किसी हिंसा, बूथ कब्जे या किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। चुनाव अधिकारियों ने 11 बजे तक मतदान को शांतिपूर्ण बताया है। हालांकि, कुछ केंद्रों पर ईवीएम की तकनीकी खराबी के कारण मतदाताओं को परेशानी उठानी पड़ी।
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कई बूथों पर ईवीएम ने रोकी मतदान की रफ्तार
राहा विधानसभा क्षेत्र के कचुवा स्थित गेरजाइपाम आदर्श एमई स्कूल के बूथ संख्या 94 पर ईवीएम खराब होने से मतदान प्रभावित रहा। अधिकारियों ने दो मशीनें बदलने की कोशिश की, लेकिन समस्या बनी रही और मतदाताओं को मतदान शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। मोरीगांव के ईस्ट सिधाबाड़ी स्थित बूथ संख्या 72 पर पांच मतदाताओं के मतदान के बाद ईवीएम में खराबी आई। सिंगारी के बूथ संख्या 58 पर भी तकनीकी खराबी के कारण मतदान शुरू होने में बाधा आई। इसके अलावा राहा के बूथ संख्या 42 और धींग के बूथ संख्या 142 समेत कुछ अन्य केंद्रों पर भी ईवीएम संबंधी समस्या की रिपोर्ट है।
लहरीघाट में सबसे अधिक मतदान
उपचुनाव में करीब 19.02 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुल 2,112 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के पूर्व आईएएस अधिकारी देवाशीष शर्मा, कांग्रेस की
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पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच माना जा रहा है। भाजपा इस मुस्लिम बहुल सीट पर कांग्रेस का गढ़ तोड़ने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस सीट बचाने और अजमल की एआईयूडीएफ अपने पुराने प्रभाव को वापस पाने की कोशिश में है।