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Nagaland: 'नगा एकीकरण के लिए विधायक जारी रखेंगे प्रयास', नगालैंड के सीएम नेफ्यू रियो ने दिलाया भरोसा

Wed, 30 Oct 2024 12:55 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा

सार

Nagaland: नगालैंड के सीएम नेफ्यू रियो ने नगा एकीकरण के लिए विधायकों के प्रयास को सराहा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक एकीकरण की वकालत करने वाले छह प्रस्तावों को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।
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नेफ्यू रियो - फोटो : ANI
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विस्तार
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नगालैंड के सीएम नेफ्यू रियो ने मंगलवार को नगा एकीकरण  16 सूत्री मुद्दा को लेकर जनता से भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि विधायक दल की सीमाओं से ऊपर उठकर एकता और एकजुटता की भावना के साथ नगा-आबादी वाले क्षेत्रों के प्रशासनिक एकीकरण की वकालत करने वाले छह प्रस्तावों को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि 16 सूत्री समझौता से उभरा हुआ मुद्दा नगा एकीकरण बड़े नगा राजनीतिक आंदोलन का मुख्य हिस्सा बना हुआ है।
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राज्य विधानसभा की 60वीं वर्षगांठ पर जनसभा को संबोधन करते हुए सीएम रियो ने कहा कि 1964 से नगालैंड विधानसभा ने नागा-आबादी वाले क्षेत्रों के प्रशासनिक एकीकरण की वकालत करते हुए छह प्रस्ताव पारित किए हैं। जिनमें सबसे हालिया प्रस्ताव 2018 में पारित हुआ है। उन्होंने कहा कि हम एकता और एकजुटता की भावना से इस लक्ष्य का पीछा करना जारी रखेंगे।

नगा एकीकरण को लेकर विधायकों का प्रयास 
उन्होंने कहा कि नागा और केंद्र के बीच हस्ताक्षरित 16-सूत्रीय समझौते ने 1 दिसंबर, 1963 को भारतीय संघ के एक राज्य के रूप में नगालैंड को जन्म दिया। सीएम ने कहा कि नगालैंड राज्य का गठन और इस विधानसभा की स्थापना नागा राजनीतिक मुद्दे से जटिल रूप से जुड़ी हुई है जो नागाओं के उद्देश्य और पहचान के लिए केंद्रीय बनी हुई है। रियो ने कहा कि राज्य का दर्जा मिलने के बाद से, हर विधानसभा ने इस मुद्दे के महत्व को पहचाना है, लगभग हर सत्र में इस पर चर्चा की है और कुल 17 प्रस्ताव पारित किए हैं, जो शांतिपूर्ण और समावेशी वार्ता का आह्वान करते हैं। 
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विधायकों के मंच को सराहा
उन्होंने कहा नागा मुद्दे के प्रति इस विधानसभा की प्रतिबद्धता शांति और एकता को आगे बढ़ाने की हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाती। नगा राजनीतिक मुद्दे पर नगालैंड विधायकों के मंच ने शांति वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही 2018 से अपने नेतृत्व में लगातार दो कार्यकालों तक सदन में विपक्ष के अभाव को उचित ठहराते हुए रियो ने कहा कि 13वीं और 14वीं विधानसभाओं में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर नगा राजनीतिक मुद्दे को संबोधित किया है।

हालांकि, केंद्र नगाओं के लिए एक अलग झंडे और संविधान की एनएससीएन-आईएम की मांग को स्वीकार नहीं कर रहा है, जिससे दशकों पुराने मुद्दे के अंतिम समाधान में देरी हो रही है। वहीं दूसरी ओर, डब्ल्यूसी एनएनपीजी ने अब जो भी मंजूर किया गया है उसे स्वीकार करने और शेष मांग के लिए वार्ता जारी रखने पर सहमति व्यक्त की है, लेकिन आज तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ है।
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