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नगालैंड में नहीं होगा कोई विपक्ष?: चुनाव जीतने वाले ज्यादातर दलों ने NDPP-BJP गठबंधन को दिया समर्थन, समझें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Mon, 06 Mar 2023 10:26 AM IST

सार

ये पहली बार नहीं है, जब नगालैंड में बिना विपक्ष वाली सरकार बनी है। इसके पहले 2015 और 2021 में सरकार के चालू कार्यकाल के दौरान विपक्ष-रहित सरकारें बनीं। हालांकि यह पहली ऐसी विधानसभा होगी, जो सदन के शपथ लेने से पहले ही विपक्ष-रहित होने वाली है। 
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पीएम मोदी के साथ नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो। - फोटो : अमर उजाला


इस बार नगालैंड में सबसे ज्यादा राजनीतिक दलों ने जीत हासिल की है। दो मार्च को चुनाव के नतीजे आए थे। आंकड़ों के अनुसार, NDPP को 25, भाजपा को  12 सीटों पर जीत मिली थी। इन दोनों पार्टियों ने चुनाव से पहले ही गठबंधन कर लिया था। एनसीपी तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इनके सात सदस्यों ने चुनाव में जीत हासिल की थी। इसके अलावा  एनपीपी के पांच, चार निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास), एनपीएफ, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के दो-दो सदस्यों ने जीत हासिल की थी। जेडीयू के टिकट पर एक प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी। ये पहली बार है जब इतने सारे राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत हासिल की हो। 


बिना शर्त इन पार्टियों ने भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन का दिया समर्थन 

एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन को लगभग सभी दलों ने बिना शर्त समर्थन दिया है। सूत्रों के अनुसार, लोजपा (रामविलास), आरपीआई (अठावले), जद (यू) पहले ही गठबंधन सहयोगियों को समर्थन पत्र सौंप चुके हैं। एनसीपी ने शनिवार को नेफ्यू रियो के नेतृत्व वाली एनडीपीपी को 'बिना शर्त' समर्थन देने वाला एक पत्र सौंपा। इसी तरह, एनपीएफ के महासचिव अचुम्बेमो किकोन ने कहा कि उनकी पार्टी भी एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन को समर्थन दे सकती है। हालांकि अभी इसपर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। एनपीएफ के समर्थन देते ही नागालैंड में सर्वदलीय सरकार बन जाएगी। 


पहले भी बिना विपक्ष वाली सरकार बनी है

ये पहली बार नहीं है, जब नगालैंड में बिना विपक्ष वाली सरकार बनी है। इसके पहले 2015 और 2021 में सरकार के चालू कार्यकाल के दौरान विपक्ष-रहित सरकारें बनीं। हालांकि यह पहली ऐसी विधानसभा होगी, जो सदन के शपथ लेने से पहले ही विपक्ष-रहित होने वाली है। 
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